बिहार में तीन न्यूक्लियर पावर प्लांट के सर्वे की शुरुआत; 26,000 करोड़ के निवेश से औद्योगिक विकास को नई रफ़्तार

Rupa Kumari | December 8, 2025 | 11:13 AM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : बिहार में बेरोजगारी और पलायन की समस्या को कम करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 26,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसी बीच केंद्र सरकार ने भी राज्य में तीन न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया है।

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बांका, सिवान और नवादा में न्यूक्लियर प्लांट का सर्वे शुरू

NPCIL और NTPC की संयुक्त टीम ने बांका, सिवान और नवादा (राजौली) में न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए भूमि सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे में भूकंप-रोधी क्षमता, जल उपलब्धता, जमीन की बनावट, सुरक्षा मानक और जनसंख्या घनत्व जैसे तकनीकी पहलुओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पावर प्लांट का निर्माण अनुषक्ति विद्युत निगम लिमिटेड के तहत NPCIL (51%) और NTPC (49%) की साझेदारी में किया जाएगा।

गया में 1,700 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

गया जिले के डोभी में 1,700 एकड़ में फैले विशाल इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की शुरुआत जल्द होने वाली है। इसी तर्ज पर राज्य के 29 जिलों में 14,036 एकड़ भूमि पर 31 नए अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। टेक्सटाइल, फार्मा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों के लिए विशेष पार्कों की योजना तैयार है।

निवेशकों के लिए आसान प्रक्रियाएँ और मजबूत व्यवस्था

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि उद्योग लगाने वालों के लिए कानून-व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है और सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट स्थापित कर सकें।

लाखों नौकरियों की उम्मीद, बिहार बनेगा ऊर्जा हब

सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से राज्य में लाखों रोजगार उत्पन्न होंगे और बिहार ऊर्जा एवं औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा। विकास परियोजनाओं से जीडीपी में तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीद है, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार मिलेगा। डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को विकसित भारत के मजबूत स्तंभ के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह पहल युवाओं को पलायन से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

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