Samachar Post डेस्क,बिहार :बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले एक अहम फैसला सामने आया है। मोकामा से विधायक अनंत सिंह को अदालत ने वोट डालने की अनुमति दे दी है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने आदेश दिया है कि अनंत सिंह पुलिस कस्टडी में विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव में मतदान कर सकेंगे और इसके बाद वापस जेल भेज दिए जाएंगे। इस फैसले से NDA को बड़ी राहत मिली है। बिहार में 16 मार्च को पांच सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होना है। जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। एनडीए ने सभी पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि RJD ने एक सीट के लिए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा है।
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पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प
मौजूदा संख्या बल के आधार पर माना जा रहा है कि एनडीए चार सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर सकता है, लेकिन पांचवीं सीट पर मुकाबला कड़ा हो सकता है। इसी बीच तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी की ओर से एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जिससे चुनाव और दिलचस्प हो गया है।
विपक्ष की रणनीति भी तेज
राजद के पास 25 विधायक हैं। इसके अलावा कांग्रेस के 6, वाम दलों के 3 और IPP के 1 विधायक को जोड़ने पर संख्या 35 होती है। बताया जा रहा है कि AIMIM के 5 विधायक भी राजद उम्मीदवार का समर्थन कर सकते हैं। हाल ही में पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी।
NDA की भी रणनीतिक बैठक
उधर एनडीए ने भी अपने पांचवें उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तेज कर दी है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर इसको लेकर बैठक हुई। एनडीए के उम्मीदवारों में नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, नितिन नबीन, शिवेस राम और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार पांचवीं सीट का नतीजा क्रॉस वोटिंग या विपक्षी खेमे में टूट पर भी निर्भर कर सकता है। वहीं बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने दावा किया है कि राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर एनडीए की जीत तय है।




















