ऑमलेट बनाने से इनकार किया तो महिला का ढाबा फूंका, दो बकरियां भी जिंदा जलीं

Meenu | May 18, 2026 | 12:47 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,कोडरमा :कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र में एक गरीब महिला का ढाबा देर रात आग की भेंट चढ़ गया। आगजनी की इस घटना में ढाबा पूरी तरह जलकर राख हो गया, जबकि अंदर बंधी दो बकरियों की भी दर्दनाक मौत हो गई। पीड़िता ने गांव के ही एक युवक पर आग लगाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। घटना तिलैया बस्ती वार्ड नंबर-2 स्थित बिरहोर टोला के पास की बताई जा रही है।

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ऑमलेट बनाने से मना करने पर भड़का युवक

पीड़िता पिंकी देवी ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे बिरहोर बस्ती निवासी रवि बिरहोर उनके ढाबा पर पहुंचा और ऑमलेट बनाने की मांग करने लगा। उस समय ढाबा बंद करने की तैयारी चल रही थी। पिंकी देवी ने देर होने की बात कहते हुए ऑमलेट बनाने से इनकार कर दिया। महिला के अनुसार ऑमलेट नहीं मिलने पर रवि बिरहोर नाराज हो गया और बड़बड़ाते हुए वहां से चला गया। इसके बाद वह ढाबा बंद कर अपने घर लौट गईं।

सुबह मिली आग लगने की सूचना

सोमवार सुबह पिंकी देवी को फोन पर सूचना मिली कि उनके ढाबा में आग लग गई है। सूचना मिलते ही वह अपनी सास शोभा देवी के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां का दृश्य देखकर दोनों की आंखें भर आईं। ढाबा पूरी तरह जल चुका था। अंदर रखे बर्तन, राशन, खाद्य सामग्री और अन्य सामान राख में तब्दील हो चुके थे। ढाबा में बंधी दो बकरियां भी आग में जल गईं। पीड़िता ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि उनके जाने के बाद रवि बिरहोर दोबारा ढाबा के पास देखा गया था। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि उसी ने आग लगाई है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही तिलैया थाना के एएसआई अनुरंजन कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

पति की मौत के बाद ढाबा ही था परिवार का सहारा

बताया जाता है कि पिंकी देवी के पति मुकेश की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद वह अपनी सास के साथ मिलकर ढाबा चलाती थीं और इसी से बच्चों व परिवार का पालन-पोषण होता था। अब ढाबा जल जाने से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पीड़िता ने प्रशासन से मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग की है। उन्होंने कहा कि ढाबा ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा था। अब सबकुछ जल जाने के बाद परिवार के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।

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