Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी को जांच के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक की पड़ताल में करीब 400 नियुक्तियां कथित तौर पर फर्जी तरीके से कराए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी को यह भी पता चला है कि इन नियुक्तियों के बदले अभ्यर्थियों से 15 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली किए जाने की बात सामने आई है। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, जांच अभी शुरुआती चरण में है। ऐसे में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कथित घोटाले में शामिल रकम और फर्जी नियुक्तियों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि, 400 फर्जी नियुक्तियों और 15 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
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आरोपियों के बयान और दस्तावेजों से मिली जानकारी
सीआईडी को कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अलग-अलग स्थानों पर की गई छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेजों से मिली है। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों और बयानों का मिलान कर रही है। सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर वसूली गई रकम किन लोगों तक पहुंची, अभ्यर्थियों से पैसे लेने का नेटवर्क कैसे काम करता था और फर्जी नियुक्तियों में किन लोगों की भूमिका रही।

वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ रही जांच एजेंसी
जांच एजेंसी अब कथित फर्जी नियुक्तियों और पैसों के लेन-देन के बीच संबंध तलाश रही है। इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी नियुक्तियां वास्तव में फर्जी थीं और इस पूरे मामले में कुल कितनी रकम का लेन-देन हुआ। फिलहाल सीआईडी पूरे मामले की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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