पश्चिम बंगाल चुनाव में उतरेगा JLKM, जयराम महतो बोले जंगल महल बनेगा गेमचेंजर

Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। जहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है, वहीं अब झारखंड की क्षेत्रीय पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने भी चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है।

दो चरणों में मतदान, मई में नतीजे

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में दो चरणों में मतदान होगा। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। वहीं, 4 मई को मतगणना होगी। 294 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। JLKM सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो ने धनबाद कोर्ट में पेशी के दौरान मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस बार बंगाल चुनाव में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगी।

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जंगल महल पर खास नजर

पार्टी का फोकस खास तौर पर जंगल महल क्षेत्र पर रहेगा। यहां 5 से 10 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी है। जयराम महतो का कहना है कि इस इलाके का झारखंड से सांस्कृतिक जुड़ाव है, जो पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल पार्टी असम विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। संसाधनों की कमी को इसकी मुख्य वजह बताया गया है, जिससे पार्टी अपनी पूरी ताकत बंगाल पर केंद्रित कर सके।

पुराने मामले में कोर्ट पेशी

जयराम महतो 2023 में बोकारो के वेदांता स्टील प्लांट में हुए मजदूर आंदोलन से जुड़े मामले में धनबाद कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सिर्फ बैनर में फोटो होने के कारण उन्हें आरोपी बनाया गया, जबकि वे मौके पर मौजूद नहीं थे।

हेमंत सोरेन पर साधा निशाना

इस दौरान उन्होंने हेमंत सोरेन के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सभी धर्मों को साथ लेकर संतुलित बयान देना चाहिए। JLKM की एंट्री से पश्चिम बंगाल के चुनावी मुकाबले में नया मोड़ आ गया है। अब नजर इस बात पर होगी कि जंगल महल क्षेत्र में पार्टी कितना प्रभाव छोड़ पाती है और चुनावी समीकरण किस दिशा में जाते हैं।

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