झारखंड के 38 कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में मिलेंगे स्मार्ट बंक बेड, 3 सितंबर तक टेंडर

Rupa Kumari | August 24, 2026 | 03:35 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अब बेहतर आवासीय और अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। प्रेझा फाउंडेशन ने राज्य के 38 कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में स्मार्ट बंक बेड और हाई-बैक एग्जीक्यूटिव चेयर की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किया है। इच्छुक कंपनियां mjunction Services Limited के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बोली जमा कर सकती हैं। टेंडर प्रक्रिया में किसी भी तरह की हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। टेंडर से जुड़े सवाल 25 अगस्त तक पूछे जा सकेंगे, जबकि ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तारीख 3 सितंबर 2026 रात 8 बजे निर्धारित की गई है।

स्मार्ट बंक बेड में मिलेंगी कई सुविधाएं

टेंडर में स्मार्ट बंक बेड के लिए कई सुविधाएं अनिवार्य की गई हैं। इनमें पढ़ाई के लिए अलग टेबल, व्यक्तिगत लाइट, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट, ट्यूबलर पंखा और सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह शामिल है। बंक बेड के ऊपरी और निचले दोनों हिस्सों में मच्छरदानी लगाने की सुविधा भी रखी जाएगी, ताकि छात्रों को रहने के दौरान बेहतर सुविधा मिल सके। इसके साथ ही हाई-बैक एग्जीक्यूटिव चेयर की भी खरीद की जाएगी। कुर्सियों में आर्म रेस्ट, 360 डिग्री घूमने की सुविधा और पीछे की ओर झुकाव के लिए टिल्ट एडजस्टमेंट दिया जाएगा।

38 संस्थानों में होगी आपूर्ति

टेंडर के तहत चयनित कंपनी को खरीद आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर सामान की आपूर्ति करनी होगी। ये स्मार्ट बंक बेड और कुर्सियां झारखंड के 38 अलग-अलग संस्थानों में पहुंचाई जाएंगी। इन संस्थानों में कई जिलों के कल्याण गुरुकुल के अलावा रांची, चान्हो और इटकी स्थित नर्सिंग एवं आईटीआई कौशल कॉलेज भी शामिल हैं।

सबसे कम कीमत वाली बोली को प्राथमिकता

टेंडर में निर्धारित तकनीकी और पात्रता मानकों को पूरा करने वाले आपूर्तिकर्ताओं में सबसे कम कीमत वाली बोली को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित कंपनी को तय समय सीमा में सामान उपलब्ध कराना होगा। सामान की आपूर्ति के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चालान जमा होने के 45 दिनों के भीतर भुगतान किए जाने का प्रावधान है।

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देरी और गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई

टेंडर की शर्तों के मुताबिक, सामान की आपूर्ति में देरी होने पर भुगतान में कटौती या सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, टेंडर प्रक्रिया में धोखाधड़ी या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित कंपनी का ठेका रद्द किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में छात्रों को पढ़ाई और रहने के लिए अधिक सुविधाजनक एवं आधुनिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

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