झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: अब ‘मंईयां सम्मान दिवस’ पर एक साथ खातों में आएगी योजना की राशि

Meenu | July 13, 2026 | 11:27 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के लिए भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अब योजना की राशि जिला स्तर के बजाय सीधे राज्य स्तर से लाभुकों के बैंक खातों में ट्रांसफर (DBT) की जाएगी। इसके साथ ही हर महीने एक तय तिथि पर ‘मंईयां सम्मान दिवस’ मनाया जाएगा और उसी दिन राज्यभर की करीब 51 लाख महिलाओं के खातों में एक साथ राशि भेजी जाएगी। सरकार इस नई व्यवस्था को अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी कर रही है।

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JAP-IT ने तैयार किया नया पोर्टल

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग नई भुगतान प्रणाली को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसके लिए JAP-IT ने नया डिजिटल पोर्टल तैयार किया है, जिसका विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रेजेंटेशन भी दिया जा चुका है। नई प्रणाली लागू होने के बाद पूरी भुगतान प्रक्रिया राज्य स्तर से संचालित होगी, जिससे भुगतान में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी। अब तक योजना की राशि जिला प्रशासन के माध्यम से लाभुकों के बैंक खातों में भेजी जाती थी। अलग-अलग जिलों में भुगतान की प्रक्रिया अलग समय पर पूरी होने के कारण कई महिलाओं को 10 से 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी जिलों की लाभुक महिलाओं को एक ही दिन राशि मिलेगी और भुगतान प्रक्रिया चार से पांच घंटे के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

हर महीने मनाया जाएगा ‘मंईयां सम्मान दिवस’

राज्य सरकार हर महीने एक तय तिथि को ‘मंईयां सम्मान दिवस’ के रूप में मनाएगी। इस अवसर पर राज्य स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं। वहीं, जिला स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। कार्यक्रम के दौरान योजना की लाभुक महिलाओं से संवाद भी किया जाएगा और उसी दिन सभी पात्र महिलाओं के खातों में योजना की राशि ट्रांसफर की जाएगी।

पुरानी व्यवस्था में क्या थी समस्या?

पहले विभाग योजना की राशि जिलों को भेजता था, जिसके बाद प्रत्येक जिला अपने स्तर पर डीबीटी के माध्यम से लाभुकों के खातों में भुगतान करता था। अलग-अलग जिलों में प्रक्रिया अलग-अलग समय पर पूरी होने के कारण पूरे राज्य में भुगतान में 10 से 15 दिन तक लग जाते थे। इससे महिलाओं को यह भी पता नहीं होता था कि उनके खाते में राशि कब आएगी।

नई व्यवस्था में क्या बदलेगा?

पुरानी व्यवस्थानई व्यवस्था
जिलों के माध्यम से भुगतानराज्य स्तर से सीधे DBT
अलग-अलग जिलों में अलग तिथिपूरे राज्य में एक ही दिन भुगतान
भुगतान में 10–15 दिन तक की देरी4–5 घंटे में भुगतान पूरा करने का लक्ष्य
निगरानी और मिलान में अधिक समयराज्य स्तर से आसान निगरानी और पारदर्शिता
असफल भुगतान के समाधान में देरीफेल ट्रांजैक्शन का त्वरित समाधान

लाभुकों को मिलेगा सीधा फायदा

नई भुगतान प्रणाली लागू होने के बाद जिलावार देरी की समस्या समाप्त होने की उम्मीद है। लाभुक महिलाओं को हर महीने तय तारीख पर राशि मिलने लगेगी। साथ ही भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम होगी। इससे ऑडिट, वित्तीय मिलान और निगरानी भी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकेगी।

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