हजारीबाग ट्रैफिक अव्यवस्था मामला: हाईकोर्ट ने शहर से बाहर बस स्टैंड शिफ्ट करने का दिया सुझाव

Rupa Kumari | August 13, 2026 | 02:55 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : हजारीबाग शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और अव्यवस्था को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए पुराने बस स्टैंड को शहर के बाहर स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है। अदालत ने कहा कि हजारीबाग में बाईपास का निर्माण हो चुका है, ऐसे में बस स्टैंड का शहर के बीचोंबीच बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि बस स्टैंड को शहर से बाहर स्थानांतरित किए जाने से भारी वाहनों का शहर में प्रवेश कम होगा और यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।

15 दिनों में निर्णय लेने का निर्देश

अदालत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि इस मुद्दे पर 15 दिनों के भीतर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर बस स्टैंड को शिफ्ट करने की संभावनाओं पर विचार करे। साथ ही प्रशासन को अपने निर्णय और कार्रवाई की जानकारी कोर्ट को भी देनी होगी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अच्युत स्वरूप मिश्रा द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था सुधार को लेकर दिए गए सुझावों पर भी अदालत ने विचार करने को कहा।

ट्रैफिक समस्या पर कोर्ट गंभीर

हजारीबाग में लंबे समय से बढ़ते ट्रैफिक दबाव, सड़क जाम और अव्यवस्थित यातायात को लेकर यह जनहित याचिका दायर की गई थी। अदालत ने माना कि शहर के भीतर स्थित बस स्टैंड ट्रैफिक जाम की प्रमुख वजहों में से एक है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब जिला प्रशासन के सामने बस स्टैंड को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की व्यवहारिकता और संभावित स्थानों पर विचार करने की चुनौती होगी।

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बाईपास बनने के बाद बदली परिस्थितियां

अदालत ने स्पष्ट किया कि बाईपास निर्माण के बाद शहर के भीतर बस स्टैंड संचालित करने की आवश्यकता पहले जैसी नहीं रह गई है। यदि बसों और भारी वाहनों का संचालन शहर के बाहरी हिस्से से किया जाए तो यातायात व्यवस्था अधिक सुगम हो सकती है और आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सकती है। हाईकोर्ट के इस सुझाव को हजारीबाग की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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