मौसमक्रिकेटहेल्थक्राइमस्पोर्ट्सबॉलीवुडएजुकेशनबिजनेसलाइफस्टाइलदेशविदेश

झारखंड की बिजली कंपनियों पर बढ़ा दबाव, 5,000 करोड़ रुपये लौटाने की चुनौती

--Advertisment--

Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड की बिजली वितरण कंपनियों के सामने बड़ी वित्तीय चुनौती खड़ी हो गई है। राज्य सरकार के पास पिछले पांच वर्षों में उपभोक्ताओं से वसूले गए करीब 5,000 करोड़ रुपये जमा हैं, जिन्हें लौटाने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है। इस राशि में सरायकेला-खरसावां जिले का लगभग 166 करोड़ रुपये भी शामिल है। अब कंपनियां इस आदेश के खिलाफ कानूनी विकल्प तलाशने की तैयारी कर रही हैं।

अतिरिक्त विद्युत शुल्क की वसूली

वर्ष 2021 में सरकार ने अधिसूचना जारी कर अतिरिक्त विद्युत शुल्क लागू किया था। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं से 6 प्रतिशत, 10 एमवीए तक के औद्योगिक हाईटेंशन उपभोक्ताओं से 8 प्रतिशत और 10 एमवीए से अधिक वाले उपभोक्ताओं से 15 प्रतिशत शुल्क वसूला गया। कंपनियों का कहना है कि यह राशि सीधे सरकार के पास जमा कराई गई थी।

यह भी पढ़ें :रिम्स टेंडर विवाद अदालत पहुंचा, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

कोर्ट का आदेश के बाद कंपनियों का कानूनी विकल्पों पर विचार

हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि यह शुल्क उपभोक्ताओं को ब्याज सहित लौटाया जाए या उनके बिजली बिल में समायोजित किया जाए। लेकिन वितरण कंपनियों का कहना है कि उनके पास यह राशि उपलब्ध नहीं है, क्योंकि उनकी आय का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा बिजली खरीद पर खर्च हो जाता है। ऐसे में इतनी बड़ी रकम लौटाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। राज्य में सेवा दे रहीं बिजली वितरण कंपनियां टाटा स्टील, टाटा स्टील यूएसआइएल, जेबीवीएनएल, सेल बोकारो और डीवीसी इस मामले में विधिक सलाह लेकर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं।

संशोधन को बताया असंवैधानिक

झारखंड सरकार ने जुलाई 2021 में विद्युत शुल्क अधिनियम में संशोधन कर नेट चार्जेस पर प्रतिशत के आधार पर शुल्क वसूलने का प्रावधान लागू किया था। हालांकि हाईकोर्ट ने 5 जनवरी 2026 को इस संशोधन को असंवैधानिक बताते हुए वसूली को रद्द कर दिया। साथ ही कंपनियों को उपभोक्ताओं को राशि लौटाने या बिल में समायोजन करने का निर्देश दिया गया।

कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच असमंजस

इस आदेश से औद्योगिक उपभोक्ताओं में भी चर्चा तेज हो गई है। कंपनियों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम तुरंत लौटाना संभव नहीं है, जबकि उपभोक्ता वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। फिलहाल सभी पक्ष कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की स्थिति अदालत में स्पष्ट होने की संभावना है।

https://samacharpost.live/2026/02/rims-tender-dispute-high-court-hearing-jharkhand/
Samachar Post App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां। रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Meenu

Reporter  |  Samachar Post

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment