Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे नर्सिंग अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) के 1038 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन सोसाइटी (JRHMS) ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत इन पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 31 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
एक साल के लिए होगी संविदा पर नियुक्ति, हर महीने मिलेंगे 25 हजार रुपये
जारी विज्ञापन के अनुसार, CHO के पदों पर नियुक्ति शुरुआती तौर पर एक वर्ष के लिए संविदा के आधार पर की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 25 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इन पदों के लिए उम्मीदवार के पास बीएससी नर्सिंग या पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ सामुदायिक स्वास्थ्य में सर्टिफिकेट प्रोग्राम (CPCH) का एकीकृत पाठ्यक्रम पूरा होना चाहिए। यह शैक्षणिक योग्यता मान्यता प्राप्त नर्सिंग कॉलेज से प्राप्त होनी चाहिए। विज्ञापन के मुताबिक, संबंधित पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2016-2020 या उसके बाद उत्तीर्ण होना जरूरी है।
किस वर्ग के लिए कितने पद निर्धारित?
कुल 1038 रिक्तियों में अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों के लिए पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए सबसे अधिक पद रखे गए हैं।
श्रेणीवार रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
- अनारक्षित (UR) : 253 पद
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) : 104 पद
- अनुसूचित जनजाति (ST) : 280 पद
- अनुसूचित जाति (SC) : 288 पद
- पिछड़ा वर्ग-1 (BC-I) : 55 पद
- पिछड़ा वर्ग-2 (BC-II) : 58 पद
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में मिलेगी तैनाती
CHO की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य झारखंड के ग्रामीण, आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। चयनित उम्मीदवारों की तैनाती मुख्य रूप से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC), आयुष्मान आरोग्य मंदिर और उप स्वास्थ्य केंद्रों में की जाएगी। जरूरत के अनुसार उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) से जुड़ी जिम्मेदारियां भी दी जा सकती हैं। राज्य के 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), 339 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और 4,321 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में CHO स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मरीजों की जांच से लेकर गंभीर स्थिति में रेफर करने तक होगी जिम्मेदारी
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का काम केवल मरीजों की शुरुआती जांच तक सीमित नहीं रहेगा। उन्हें सामान्य बीमारियों की पहचान, प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल, टीकाकरण कार्यक्रमों का समन्वय, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और मरीजों के नियमित फॉलोअप जैसे काम भी इनके कार्यक्षेत्र में शामिल होंगे। मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की पहचान और निगरानी भी CHO करेंगे। गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर करने का काम भी इनकी जिम्मेदारी होगी। राज्य सरकार को उम्मीद है कि 1038 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। इससे स्थानीय स्तर पर मरीजों को शुरुआती जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी तथा बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।





















