ट्रैफिक जांच में कथित वसूली पर दो ASI निलंबित, SSP की बड़ी कार्रवाई

Rupa Kumari | May 25, 2026 | 01:10 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर : जमशेदपुर में ट्रैफिक जांच के दौरान कथित अवैध वसूली और दुर्व्यवहार के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद दो सहायक अवर निरीक्षकों (ASI) को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने ट्रैफिक डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर साकची ट्रैफिक थाना में पदस्थापित एएसआई शिवशंकर पासवान और जुगसलाई ट्रैफिक थाना के एएसआई जय कुमार दास के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया।

पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के नाम पर वसूली का आरोप

पहला मामला 8 मई का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार साकची थाना गेट के पास वाहन जांच अभियान के दौरान एक चालक को रोककर उसके दस्तावेजों की जांच की गई। आरोप है कि पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं होने का हवाला देकर चालक से रुपये की मांग की गई। चालक के पास नकद राशि नहीं होने पर कथित तौर पर उससे ऑनलाइन भुगतान कराया गया। बताया गया कि राशि एक दुकानदार के खाते में ट्रांसफर कराई गई थी। शिकायत मिलने के बाद ट्रैफिक डीएसपी स्तर से जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एएसआई शिवशंकर पासवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

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शिक्षक से 10 हजार रुपये मांगने का आरोप

दूसरा मामला टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास वाहन जांच के दौरान सामने आया। आरोप है कि जुगसलाई ट्रैफिक थाना के एएसआई जय कुमार दास ने जनगणना कार्य में लगे एक शिक्षक से 10 हजार रुपये की मांग की। शिक्षक का आरोप है कि सभी आवश्यक दस्तावेज दिखाने के बावजूद उन्हें काफी देर तक रोके रखा गया और बाद में कथित तौर पर पैसे मांगे गए। शिकायत सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

विधायक के फोन कॉल से बढ़ा विवाद

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब पोटका विधायक संजीव सरदार ने संबंधित पुलिसकर्मी से फोन पर बात करने की कोशिश की। आरोप है कि एएसआई जय कुमार दास ने विधायक से बात करने से इनकार कर दिया। इसके बाद विधायक खुद मौके पर पहुंचे। घटना से जुड़ा वीडियो और शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने जांच शुरू कराई। ट्रैफिक डीएसपी की रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद एएसआई जय कुमार दास को भी निलंबित कर दिया गया।

पुलिस विभाग का सख्त संदेश

पुलिस विभाग ने साफ कहा है कि ट्रैफिक जांच के नाम पर किसी भी तरह की अवैध वसूली, दुर्व्यवहार या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा गलत व्यवहार या अवैध मांग की जाती है तो इसकी शिकायत तुरंत वरीय अधिकारियों से करें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि ऐसी शिकायतों पर आगे भी त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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