दिल्ली में झारखंड का डिजिटल विजन पेश करेंगे हेमंत सोरेन, रांची आईटी पार्क बनेगा निवेश का नया हब

Meenu | July 5, 2026 | 12:44 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड को देश में निवेश और डिजिटल नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगामी 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में राज्य का डिजिटल विजन प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री झारखंड के महत्वाकांक्षी डिजिटल रोडमैप और वर्ष 2026-31 के लिए प्रस्तावित ड्राफ्ट एआई पॉलिसी-2026 को देश-विदेश के टेक लीडर्स और निवेशकों के सामने रखेंगे।

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राष्ट्रीय मंच पर पहली बार रांची आईटी पार्क का प्रस्ताव

इस कार्यक्रम में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर रांची आईटी पार्क को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह आईटी पार्क राजधानी रांची के कोर कैपिटल एरिया में, आईआईएम रांची और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के समीप लगभग 100.97 एकड़ विवादमुक्त सरकारी भूमि पर विकसित करने की योजना है। सरकार का उद्देश्य इस प्रोजेक्ट के माध्यम से झारखंड को आईटी और डिजिटल इंडस्ट्री का बड़ा केंद्र बनाना है।

निवेशकों के लिए बड़े प्रोत्साहन

निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार झारखंड आईटी नीति-2023 के तहत कई बड़े फायदे देने की तैयारी में है, जिनमें शामिल हैं 50% पूंजीगत निवेश प्रतिपूर्ति, 100% स्टांप शुल्क में छूट, 100% बिजली शुल्क में छूट इन नीतिगत प्रोत्साहनों का उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी निवेश को बढ़ावा देना है। सरकार के अनुसार झारखंड में हर साल लगभग 20 हजार से अधिक आईटी स्नातक तैयार हो रहे हैं। इससे उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

एआई पॉलिसी-2026 पर हितधारकों से सुझाव

इस सम्मेलन के दौरान वर्ष 2026-31 के लिए प्रस्तावित ड्राफ्ट एआई पॉलिसी-2026 पर भी देश-विदेश के विशेषज्ञों और हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे। यह नीति झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विकास को नई दिशा देने की तैयारी में है।

डिजिटल शासन के लिए प्रमुख योजनाएं

सरकार की योजना के तहत कई महत्वपूर्ण पहल प्रस्तावित हैं, जिनमें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट एआई मिशन का गठन, जैपआईटी (JAP-IT) को नोडल एजेंसी बनाना, झारखंड एआई क्लाउड का विकास, सुशासन, कृषि, स्वास्थ्य और खनिज संसाधन क्षेत्र में एआई का उपयोग, विभागीय आंकड़ों का एकीकरण और एआई आधारित निर्णय प्रणाली का विकास शामिल हैं।

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