झारखंड के पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का निधन, रांची के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस

Rupa Kumari | May 13, 2026 | 12:13 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड की राजनीति से बुधवार को दुखद खबर सामने आई। पूर्व मंत्री और गोमिया के वरिष्ठ नेता माधव लाल सिंह का निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और रांची के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। जानकारी के अनुसार, तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया, जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही गोमिया समेत पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

चार बार विधायक रहे माधव लाल सिंह

माधव लाल सिंह का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा। गोमिया विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें चार बार विधायक चुना था। वे वर्ष 1985, 1990, 2000 और 2009 में विधानसभा पहुंचे थे। बिहार की राजनीति से लेकर झारखंड राज्य गठन के बाद तक उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत पहचान बनाई।

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“माधव बाबू” के नाम से थे लोकप्रिय

समर्थकों और आम लोगों के बीच माधव लाल सिंह “माधव बाबू” के नाम से लोकप्रिय थे। उनकी पहचान सादगी, ईमानदारी और जनता से सीधे जुड़ाव वाले नेता के रूप में होती थी। मंत्री पद पर रहने के बावजूद वे आम लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहे। गोमिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर वे लगातार काम करते रहे।

अस्पताल और आवास पर जुटने लगे समर्थक

निधन की खबर फैलते ही उनके समर्थक, शुभचिंतक और राजनीतिक कार्यकर्ता रांची स्थित अस्पताल और उनके आवास पर पहुंचने लगे। कई लोगों ने फोन पर सूचना मिलते ही गहरा दुख जताया। गोमिया क्षेत्र में शोक और मायूसी का माहौल है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उनके निधन के साथ ही झारखंड ने एक ऐसे जननेता को खो दिया, जिसकी पहचान सत्ता से ज्यादा जनता के बीच थी।

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