झारखंड आएगी कॉकरोच जनता पार्टी, अभिजीत दीपके ने छात्रों के आंदोलन को दिया समर्थन

Rupa Kumari | August 5, 2026 | 04:56 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड में जारी छात्र आंदोलन को अब बाहरी राज्यों से भी समर्थन मिलने लगा है। इसी क्रम में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में झारखंड आएगी। महाराष्ट्र के छत्रपति शिवाजी नगर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों की मांगों का समर्थन करती है और झारखंड पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन देगी।

वीडियो कॉल के जरिए पहले भी जता चुके हैं समर्थन

अभिजीत दीपके इससे पहले भी झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को मजबूती देना और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग का समर्थन करना उनकी पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी विभिन्न छात्र और युवा आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है तथा शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रही है।

रांची में जारी है छात्रों का आंदोलन

राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले करीब दो सप्ताह से छात्र और अभ्यर्थी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC की कुछ भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC पीटी परीक्षा, JSSC-CGL परीक्षा और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा को रद्द कर पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना शामिल है। छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह न रहे। आंदोलनकारी अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रियाओं में जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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CID की जांच जारी

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच मामले की जांच कर रही CID ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान जब्त दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की समीक्षा की जा रही है। वहीं मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ भी जारी है। छात्र आंदोलन, राजनीतिक समर्थन और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच भर्ती परीक्षा विवाद झारखंड की राजनीति और युवाओं के बीच प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।

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