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आदिवासी छात्र संघ ने RU के नए कुलपति की नियुक्ति का किया विरोध, हटाने की मांग उठी

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Samachar Post रिपोर्टर, रांची: आदिवासी छात्र संघ ने रांची विश्वविद्यालय (RU) के नए कुलपति की नियुक्ति और कॉलेज क्लस्टरिंग नीति का विरोध करते हुए इसे आदिवासी-मूलवासी छात्रों के हितों के खिलाफ बताया है। सोमवार को रांची के जेकब हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में छात्र नेताओं ने कहा कि प्रोफेसर सरोज शर्मा की कुलपति पद पर नियुक्ति को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।

कुलपति नियुक्ति पर गंभीर आरोपों का हवाला

संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर सरोज शर्मा पर पहले से गंभीर आरोप हैं। उनका कहना है कि एनआईओएस की चेयरपर्सन रहने के दौरान एक दलित कर्मचारी को आत्महत्या के लिए उकसाने और जातीय अपमान से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की थी। छात्र नेताओं ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को विश्वविद्यालय का प्रमुख बनाना अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण कानून की भावना के खिलाफ है और यह झारखंड के आदिवासी-मूलवासी छात्रों की गरिमा पर आघात है।

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क्लस्टर सिस्टम का भी विरोध

संघ ने राज्य सरकार के संकल्प संख्या 902 के तहत लागू किए जा रहे “क्लस्टरिंग ऑफ कॉलेजेस” मॉडल का भी विरोध किया। छात्र नेताओं का कहना है कि इस व्यवस्था के तहत विषयों को अलग-अलग कॉलेजों में बांटा जा रहा है, जिससे छात्रों को अपनी पसंद का विषय पढ़ने के लिए एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज जाना पड़ेगा। उनका आरोप है कि इससे खासकर ग्रामीण और आदिवासी पृष्ठभूमि के छात्रों पर आर्थिक और शैक्षणिक बोझ बढ़ेगा।

आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप

संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पदों के युक्तिकरण और सरेंडर की प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। छात्र नेताओं ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 15(4) और 16(4) के तहत मिले आरक्षण अधिकारों का उल्लंघन है। कार्यकारी अध्यक्ष दया राम ने कहा कि झारखंड के विश्वविद्यालयों में स्थानीय विद्वानों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि “बाहरी” और “दागी” चेहरों को।

संघ की प्रमुख मांगें

आदिवासी छात्र संघ ने राज्यपाल सह कुलाधिपति से चार प्रमुख मांगें रखीं प्रोफेसर सरोज शर्मा की नियुक्ति तत्काल रद्द की जाए। क्लस्टर सिस्टम को समाप्त किया जाए। संकल्प संख्या 902 के तहत पद पुनर्गठन प्रक्रिया पर रोक लगे। रिक्त पदों पर आरक्षण रोस्टर के अनुसार पारदर्शी नियुक्ति की जाए। संघ ने यह भी मांग की कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत आरोपी व्यक्ति को शैक्षणिक संस्थानों के शीर्ष पदों से दूर रखा जाए। प्रेस वार्ता में केंद्रीय समिति अध्यक्ष अमृत मुंडा, अखिलेश पाहन, अरविंद टोप्पो, अमृत टोप्पो, राकेश रोशन और अभिषेक रजक समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

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