Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : हजारीबाग परिसदन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 (MMDR) को लेकर प्रेसवार्ता की। उन्होंने केंद्र सरकार के संशोधन का बचाव करते हुए झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर कई आरोप लगाए। MMDR संशोधन विधेयक को संसद ने अगस्त 2026 में पारित किया था और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह अधिनियम बन चुका है। केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के खनिज राजस्व अधिकार खत्म नहीं होते और खनन क्षेत्र से मिलने वाले कुल राजस्व का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा।
कोयला चोरी और टैक्स चोरी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना
आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर कोयले की चोरी को बढ़ावा देने और टैक्स चोरी के लिए अलग-अलग तरीके अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था अब नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार पर जनता को MMDR कानून को लेकर भ्रमित करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक बयान हैं।

खनिज संपदा किसी एक राज्य की बपौती नहीं
MMDR संशोधन का बचाव करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में मौजूद खनिज संपदा किसी एक राज्य की बपौती नहीं है। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों के दोहन और प्रबंधन में केंद्र की भी भूमिका है और किसी राज्य को खनिज संपदा के मनमाने दोहन की अनुमति नहीं दी जा सकती। वहीं, संशोधित कानून को लेकर झारखंड सरकार और झामुमो की आपत्ति भी सामने आई है। राज्य सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के अधिकार और खनिज राजस्व प्रभावित हो सकते हैं। झामुमो ने इसके विरोध में सितंबर में राज्यभर में प्रदर्शन भी किया है।
MMDR संशोधन में क्या बदला है?
PRS के मुताबिक, संशोधन कानून केंद्र सरकार को खनिज-युक्त भूमि के नियमन से जुड़ी अतिरिक्त शक्ति देता है। इसके अलावा राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों या खनिज-युक्त भूमि पर लगाए जाने वाले कुछ टैक्स, सेस या अन्य शुल्क पर भी केंद्रीय स्तर से निर्धारित शर्तें लागू होती हैं। केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष है कि संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज अधिकार खत्म नहीं होते और राज्यों को मिलने वाला करीब 90 प्रतिशत खनन राजस्व जारी रहेगा। आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न मुद्दों के जरिए जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
मंईयां सम्मान योजना पर भी साधा निशाना
मंईयां सम्मान योजना को लेकर भी आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच यह धारणा बनाने की कोशिश की जा रही है कि केंद्र सरकार योजना को बंद कराने के प्रयास में है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह के आरोपों के जरिए राजनीतिक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है। प्रेसवार्ता में बरही विधायक मनोज कुमार यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप यादव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आनंद देव और शेफाली गुप्ता समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


















