अभय तिवारी का दावा- CDPO की सामान्य वर्ग की सीटें झारखंड से बाहर के अभ्यर्थियों को बेची गईं

Rupa Kumari | August 27, 2026 | 10:50 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JSSC-CGL पेपर लीक मामले में गिरफ्तार टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से CID की पूछताछ में कथित नियुक्ति परीक्षाओं की सेटिंग-गेटिंग को लेकर नए दावे सामने आए हैं। पूछताछ के दौरान अभय तिवारी ने CDPO के 64 पदों के लिए हुई प्रतियोगिता परीक्षा में भी कथित धांधली का दावा किया है। अभय तिवारी के कथित बयान के मुताबिक, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते, JPSC की सदस्य अजिता भट्टाचार्य समेत अन्य लोगों की कथित मिलीभगत से CDPO परीक्षा में अनियमितता की गई। हालांकि, पूछताछ में सामने आए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

सामान्य वर्ग की सीटों को लेकर किया दावा

अभय तिवारी ने कथित तौर पर CID को बताया कि CDPO भर्ती परीक्षा में सामान्य वर्ग की सभी सीटें झारखंड के बाहर के अभ्यर्थियों को पैसे लेकर दिलाई गईं। उसके अनुसार, लाखों रुपये लेकर पसंदीदा अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराया गया और बाद में उनकी नियुक्ति सुनिश्चित की गई। उसने यह भी दावा किया कि परीक्षा में कथित तौर पर मनमाने तरीके से अभ्यर्थियों का चयन कराया गया।

आरक्षित सीटों पर झारखंड के अभ्यर्थियों के चयन का दावा

अभय तिवारी के कथित बयान में यह भी कहा गया है कि आरक्षित पदों पर दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों का चयन संभव नहीं होने के कारण इन सीटों पर झारखंड के अभ्यर्थियों को ही चयनित किया गया। CID अब अभय तिवारी के इन दावों की सत्यता जांचने के लिए परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, चयन सूची, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर सकती है।

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जांच में और खुलासे की संभावना

JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच अभय तिवारी के बयान को जांच एजेंसी अहम कड़ी के तौर पर देख रही है। हालांकि, उसके द्वारा लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। CID की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि CDPO परीक्षा में वास्तव में किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं।

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