झारखंड के पंचायत जनप्रतिनिधियों का राजभवन के सामने धरना प्रदर्शन

Rupa Kumari | November 13, 2025 | 03:44 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संघ ने गुरुवार को अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर राजभवन के सामने जोरदार धरना दिया। इस आंदोलन में राज्यभर से सैकड़ों मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, उप-प्रमुख, वार्ड सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधि शामिल हुए।

पंचायत व्यवस्था की अनदेखी का आरोप

धरना स्थल पर जनप्रतिनिधियों ने सरकार पर पंचायत व्यवस्था की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तीन साल बीत जाने के बावजूद पंचायतों को 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की राशि नहीं दी गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि राज्य गठन के 25 साल बाद भी गांवों को सशक्त नहीं बनाया गया। सत्ता में आने से पहले सभी राजनीतिक दल पंचायत सशक्तिकरण की बातें करते हैं, लेकिन सत्ता मिलने के बाद वादे भूल जाते हैं।

यह भी पढ़ें: दलमा के जंगलों में मिली चमत्कारी जड़ी-बूटियां, अब रक्तस्राव रोकने की दवा बनेगी

मुख्य मांगें, फंड मुआवजा और मानदेय

संघ ने सरकार से मांग की कि पंचायतों को उनकी हक़ की राशि तुरंत दी जाए। उन्होंने कहा कि आकस्मिक निधन की स्थिति में जनप्रतिनिधियों को मुआवजा दिया जाए। पंचायत प्रतिनिधियों को बिहार और केरल की तर्ज पर मासिक मानदेय मिले। टाइड और अनटाइड फंड को आवश्यकता अनुसार खर्च करने की स्वतंत्रता दी जाए। पंचायतों को चेक द्वारा भुगतान करने का अधिकार वापस मिले। त्रिस्तरीय पंचायतों की वित्तीय शक्तियाँ बहाल की जाएं।

सरकार को दी चेतावनी

संघ ने साफ चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं कीं, तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तब पंचायतों का सारा कामकाज ठप हो जाएगा और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

Share this news

संबंधित खबरें