Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में थैलेसिमिया पीड़ित मरीजों को संक्रमित खून चढ़ाने के मामले पर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर कई अहम सवालों के जवाब मांगे थे। अदालत ने पूछा था कि राज्य के अस्पतालों में एचआईवी संक्रमण की जांच के लिए एडवांस न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (नैट) मशीन अब तक क्यों नहीं लगाई गई, जबकि इसकी आवश्यकता लंबे समय से जताई जा रही है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी जानना चाहा कि राज्य में बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक किस आधार पर संचालित हो रहे हैं, और ब्लड बैंक लाइसेंस का नवीनीकरण (रिन्यूअल) पिछले दो वर्षों से लंबित क्यों है।
सरकार को कोर्ट का निर्देश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह शपथ पत्र दाखिल कर बताए, सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप्स का पूरा ब्यौरा, राज्य के अस्पतालों में रक्त की कुल आवश्यकता और उपलब्धता का विस्तृत आंकड़ा।
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राज्य सरकार ने मांगा अतिरिक्त समय
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने सरकार के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
अगली सुनवाई की तारीख तय
अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को निर्धारित की है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।