Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने नए पुलिस भवनों के निर्माण की योजना तैयार की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की राज्य स्कीम के तहत विभिन्न जिलों में स्मार्ट थाना, यातायात थाना और आउटपोस्ट (OP) भवन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं के लिए करीब 13.86 करोड़ रुपये की प्राक्कलित राशि की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार किया गया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़ी इस योजना का उद्देश्य पुलिस को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और संबंधित क्षेत्रों में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, प्रस्तावित राशि की प्रशासनिक स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू होने की स्थिति की पुष्टि जरूरी है।
जमशेदपुर से पाकुड़ तक बनेंगे नए पुलिस भवन
झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, जमशेदपुर के टेल्को में अत्याधुनिक स्मार्ट थाना भवन बनाने की योजना है। इसके लिए 5.44 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं, रांची के गोंदा क्षेत्र में 2.04 करोड़ रुपये की लागत से यातायात थाना भवन बनाने की योजना है। इसके अलावा पाकुड़ जिले के रद्दीपुर और गिरिडीह जिले के गुनियाथर में नए ओपी भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। दोनों भवनों के लिए 1.59-1.59 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत निर्धारित की गई है। इन भवनों के बनने से पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्यस्थल और संबंधित क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डीजीपी कार्यालय ने गृह विभाग को भेजा था प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, इन परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए डीजीपी कार्यालय ने 29 जून को गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा था। भवनों के नक्शे, तकनीकी रिपोर्ट और लागत का प्राक्कलन झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड, रांची ने तैयार किया है। निर्माण लागत तय करने के लिए झारखंड अनुसूचित दर, डीएसआर 2023 और विद्युत डीएसआर 2022/2023 के मानकों का इस्तेमाल किया गया है। झारखंड अनुसूचित दर 28 जुलाई 2022 से प्रभावी बताई गई है।
प्रशासनिक स्वीकृति के बाद आगे बढ़ेगा निर्माण
प्रस्तावित योजना के तहत संबंधित पुलिस भवनों के निर्माण का काम प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद आगे बढ़ सकेगा। इसके बाद परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ होगा। सरकार की इस पहल से पुलिस के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और थाना व ओपी स्तर पर सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। फिलहाल, प्रस्तावित योजनाओं की स्वीकृति और निर्माण की अगली प्रक्रिया पर नजर रहेगी।



















