Samachar Post डेस्क, बिहार : बिहार के नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में जांच के दौरान अहम खुलासा हुआ है। शुरुआती जानकारी में दावा किया गया था कि शराब तस्करों की फायरिंग में अजीत कुमार को गोली लगी थी। हालांकि, जांच में सामने आया कि गोली कथित तौर पर उनकी अपनी टीम के एक होमगार्ड जवान की राइफल से चली थी। मामले में टीम का नेतृत्व कर रही महिला दारोगा पुष्पा कुमारी और दो होमगार्ड जवानों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस गोली चलने की परिस्थितियों, घटना के बाद दी गई जानकारी और संबंधित कर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है।
शराब तस्करों की फायरिंग के दावे पर सवाल
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को शराब तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान अजीत कुमार को गोली लगी थी। शुरुआत में बताया गया था कि शराब लदे वाहन का पीछा करने के दौरान तस्करों ने फायरिंग की, जिसमें सिपाही घायल हो गए। लेकिन बाद की जांच में गोली चलने की परिस्थितियों को लेकर अलग तथ्य सामने आए। अपनी ही टीम के होमगार्ड जवान की राइफल से गोली चलने की बात सामने आने के बाद शुरुआती दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गंभीर हालत में पटना रेफर, इलाज के दौरान मौत
गोली लगने के बाद अजीत कुमार को पहले पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें पटना रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आरोप है कि घटना के वास्तविक कारणों की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि टीम के नालंदा से बाहर निकलने के बाद फोन के जरिए सिपाही के शराब तस्करों की फायरिंग में घायल होने की सूचना दी गई। इसके बाद शुरू हुई जांच और पूछताछ में गोली चलने की परिस्थितियों को लेकर नए तथ्य सामने आए।
महिला दारोगा समेत तीन कर्मी हिरासत में
जांच के सिलसिले में महिला दारोगा पुष्पा कुमारी और दो होमगार्ड जवानों को हिरासत में लिया गया है। संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी मामले का हिस्सा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोली किन परिस्थितियों में चली, घटना के बाद अधिकारियों को क्या जानकारी दी गई और शुरुआती घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश किए जाने के पीछे क्या कारण था।
शराब तस्करी नेटवर्क की जांच के लिए SIT गठित
मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। टीम शराब लदे वाहन और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। इस सिलसिले में जांच टीम के झारखंड जाने की भी जानकारी सामने आई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से लाई जा रही थी, उसे कहां पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। इसके साथ ही सिपाही की मौत, गोली चलने की परिस्थितियों और घटना के बाद संबंधित कर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।























