Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : नगर पंचायत के सफाई कर्मियों को पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण गुरुवार को उनका आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। बकाया भुगतान की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन उस समय और तेज हो गया, जब नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता और पार्षदों ने खुद झाड़ू उठाकर सड़कों की सफाई शुरू कर दी। इससे नाराज सफाई कर्मियों ने दोबारा प्रदर्शन किया और नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
सड़कों पर कचरा फेंककर किया विरोध
गुरुवार दोपहर करीब एक बजे सफाई कर्मियों ने बकाया मानदेय की मांग को लेकर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और बाजार की सड़कों पर कचरा फैला दिया। प्रदर्शन के बाद कर्मी अपने-अपने घर लौट गए। हालांकि, कुछ घंटों बाद विवाद ने फिर तूल पकड़ लिया।

नगर अध्यक्ष और पार्षदों ने खुद संभाली सफाई की कमान
शाम करीब चार बजे नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता, वार्ड पार्षदों और अन्य कर्मियों ने सड़कों पर फैले कचरे की सफाई शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने के बाद आंदोलनरत सफाई कर्मी नाराज हो गए। उन्होंने इस कार्रवाई को अपने आत्मसम्मान पर चोट और आंदोलन का अपमान बताया। इसके बाद सफाई कर्मी फिर से एकजुट हुए और सड़कों पर कचरा फैलाकर विरोध जताया। रिपोर्ट के अनुसार, इस बार दोपहर के मुकाबले करीब पांच गुना अधिक कचरा फैलाया गया। जिस जगह अध्यक्ष और पार्षदों ने सफाई की थी, वहां भी दोबारा कचरा डाल दिया गया। इस दौरान नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। सफाई कर्मियों का कहना है कि वे अपने बकाया मानदेय की मांग कर रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर अध्यक्ष ने जल्द भुगतान का दिया भरोसा
नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता ने सफाई कर्मियों के प्रदर्शन को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि नवरात्र और दुर्गापूजा जैसे त्योहारों के दौरान शहर में गंदगी फैलाना दुखद है। अध्यक्ष के मुताबिक, केवल जामताड़ा ही नहीं, बल्कि राज्य के कई अन्य स्थानों पर भी कर्मचारियों का भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि भुगतान में हुई तकनीकी देरी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही कर्मचारियों का बकाया मानदेय दे दिया जाएगा।
सड़कों पर गंदगी से आम लोगों की बढ़ी परेशानी
दुर्गापूजा के माहौल में सड़कों पर कचरा जमा होने और दुर्गंध फैलने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक ओर सफाई कर्मी चार महीने के बकाया मानदेय की मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर नगर पंचायत प्रशासन प्रदर्शन को अनुचित बता रहा है। इस विवाद के बीच शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।




















