Samachar Post रिपोर्टर, साहिबगंज : रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की बरहरवा पोस्ट ने गश्त और सघन जांच अभियान के दौरान पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इनमें एक किशोरी अपने दो वर्षीय भाई के साथ मिली, जबकि तीन अन्य बच्चे बरहरवा रेलवे स्टेशन पर अलग-अलग स्थानों से संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। सभी बच्चों को सुरक्षित संरक्षण के लिए संबंधित संस्था को सौंप दिया गया है।
मां की डांट से नाराज होकर घर छोड़ निकली किशोरी
आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में टीम तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक नाबालिग किशोरी अपने करीब दो वर्षीय भाई को गोद में लेकर अकेले घूमती मिली। पूछताछ में उसने बताया कि पारिवारिक कारणों और मां की डांट से नाराज होकर वह छोटे भाई को साथ लेकर घर से निकल गई थी। आरपीएफ ने दोनों बच्चों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर बरहरवा पोस्ट पहुंचाया। इसके बाद बरहरवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 और वेटिंग रूम में जांच के दौरान तीन अन्य नाबालिग बच्चे भी मिले।
घर छोड़कर पश्चिम बंगाल जाने की तैयारी में थे किशोर-किशोरी
पूछताछ में 17 वर्षीय एक किशोर और 16 वर्षीय एक किशोरी ने बताया कि वे तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के निवासी हैं और पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। परिवार की सहमति नहीं मिलने पर दोनों 4 अक्टूबर को बिना परिजनों को बताए घर से निकल गए थे। दोनों बरहरवा रेलवे स्टेशन से पश्चिम बंगाल जाने की तैयारी में थे, लेकिन आरपीएफ ने समय रहते उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया।
सोशल मीडिया पर संपर्क के बाद पटना जाने निकली थी किशोरी
एक अन्य 16 वर्षीय किशोरी, जो बरहेट थाना क्षेत्र की रहने वाली है, ने बताया कि उसका एक वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से पटना निवासी एक युवक से परिचय हुआ था। दोनों के बीच नियमित बातचीत होती थी और वह उससे मिलने के लिए पटना जाना चाहती थी। परिवार की असहमति और नाराजगी के कारण वह 4 अक्टूबर की रात घर से निकलकर बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी। पटना जाने से पहले ही आरपीएफ की टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
परिजनों से संपर्क कर संस्था को सौंपा गया
आरपीएफ ने सभी बच्चों को बरहरवा पोस्ट लाकर आवश्यक पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क किया गया। नियमानुसार कार्रवाई के बाद बच्चों को देखरेख और संरक्षण के लिए मंथन, बरहरवा की प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया।
अभिभावकों से RPF की अपील
आरपीएफ ने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने, उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझने और मोबाइल फोन व सोशल मीडिया के उपयोग पर उचित निगरानी रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर संवाद और मार्गदर्शन से बच्चों को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जाने से रोका जा सकता है।























