Samachar Post रिपोर्टर, पाकुड़ : पश्चिम बंगाल के मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के 24 जिला परिषद सदस्य झारखंड के पाकुड़ पहुंचे हैं। सभी सदस्य शहर के रॉयल रेजिडेंसी होटल में ठहरे हुए हैं। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम के होटल पहुंचने के बाद वहां विवाद की स्थिति बन गई। जिला परिषद सदस्यों का आरोप है कि पश्चिम बंगाल पुलिस उन्हें होटल से अपने साथ ले जाने का प्रयास कर रही थी। सदस्यों के विरोध के बाद पुलिस और उनके बीच बहस और नोक-झोंक हुई। स्थिति की जानकारी मिलने पर पाकुड़ पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले को संभाला। घटना के बाद काफी देर तक होटल परिसर में गहमागहमी बनी रही।
6 अक्टूबर को होना है अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव
मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए 6 अक्टूबर को चुनाव होना है। जिला परिषद में कुल 43 सदस्य हैं। बहुमत के लिए 22 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। जानकारी के मुताबिक, पाकुड़ के होटल में ठहरे 24 सदस्यों में 19 TMC और 5 कांग्रेस के सदस्य हैं। दोनों दलों के सदस्यों के एक साथ रहने को चुनाव से पहले की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। मौजूदा संख्या के हिसाब से TMC और कांग्रेस के पास बहुमत के आंकड़े से दो अधिक, यानी 24 सदस्य हैं। वहीं भाजपा के चार जिला परिषद सदस्य बताए जा रहे हैं।
बंगाल पुलिस के होटल पहुंचने पर विवाद
जानकारी के अनुसार, मालदा जिला परिषद के सदस्यों के पाकुड़ में ठहरे होने की सूचना मिलने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम रॉयल रेजिडेंसी होटल पहुंची। सदस्यों का आरोप है कि पुलिस उन्हें होटल से अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रही थी। सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वे अपनी इच्छा से पाकुड़ आए हैं और उन्हें जबरन कहीं नहीं ले जाया जा सकता। इसी को लेकर पुलिस और सदस्यों के बीच बहस शुरू हो गई। बाद में नोक-झोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनने की बात भी सामने आई। मामला बढ़ता देख पाकुड़ पुलिस होटल पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया।
महिला सदस्यों से दुर्व्यवहार का आरोप
जिला परिषद सदस्य सागरिका सरकार ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर महिला सदस्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि रात में बड़ी संख्या में पुलिस बल होटल पहुंचा था और इस दौरान महिला सदस्यों के साथ बदसलूकी की गई। सागरिका सरकार ने आरोप लगाया कि महिला सदस्यों की चुनरी और साड़ी खींची गई। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य 6 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में शामिल होने के लिए पाकुड़ से सुरक्षित मालदा जाएंगे। सागरिका सरकार का आरोप है कि चुनाव से पहले पुलिस के जरिए सदस्यों पर दबाव बनाने और TMC-कांग्रेस की एकजुटता को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
FIR दर्ज कराने के प्रयास का भी आरोप
होटल में ठहरे सदस्यों ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में एक महिला जिला परिषद सदस्य के पति से कथित तौर पर थाने में FIR दर्ज कराई गई। सदस्यों का दावा है कि इसी आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की कोशिश की जा रही थी। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के पास अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बहुमत के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है और इसी वजह से पुलिस के जरिए TMC और कांग्रेस के सदस्यों की एकजुटता को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकुड़ पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलने के बाद पाकुड़ पुलिस होटल पहुंची और वहां मौजूद जिला परिषद सदस्यों से घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद सदस्यों को होटल में ही रहने में सहयोग किया गया। बताया जा रहा है कि बाद में पश्चिम बंगाल से आई पुलिस टीम वापस लौट गई। इस दौरान होटल परिसर में काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच नोक-झोंक की स्थिति बनी रही। घटना के बाद होटल के आसपास भी कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा।
मालदा पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया
पूरे मामले में मालदा पुलिस का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम किस आधार पर होटल पहुंची थी और जिला परिषद सदस्यों को अपने साथ ले जाने की कोशिश क्यों की गई, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है। ऐसे में जिला परिषद सदस्यों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मालदा जिला परिषद चुनाव से पहले 24 सदस्यों का पाकुड़ में ठहरना और इसके बाद बंगाल पुलिस के होटल पहुंचने से विवाद चर्चा में है।























