Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी स्थित फिरायालाल पब्लिक स्कूल में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रक्तदान के महत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना के प्रति जागरूक किया गया।
समाजसेवी अतुल गेरा ने किया संबोधित
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अतुल गेरा रहे, जो झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता, समाजसेवी और लंबे समय से स्वैच्छिक रक्तदान अभियान से जुड़े कार्यकर्ता हैं। इस अवसर पर झारखंड राज्य रक्त आधान परिषद में स्वैच्छिक रक्तदान की सहायक निदेशक जूली नीता सोकी भी उपस्थित रहीं। अतुल गेरा ने विद्यार्थियों से कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े प्रयासों से अधिक छोटे-छोटे सकारात्मक कार्य महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने छात्रों को सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया।
थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों के लिए कर रहे हैं काम
अतुल गेरा पिछले एक दशक से अधिक समय से Lifesavers Ranchi, Jharkhand Thalassemia Foundation और Jharkhand Sickle Cell Foundation के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। इन संस्थाओं के सहयोग से सरकारी ब्लड बैंकों के लिए 2,500 से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, दुर्घटना और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या हनीत मुंजाल ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने और सेवा-भाव विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

















