Samachar Post रिपोर्टर, रांची : लोकभवन में मंगलवार को भारत की विविध संस्कृतियों की झलक देखने को मिली, जब ICCR छात्रवृत्ति के तहत भारत में अध्ययन कर रहे 36 विदेशी विद्यार्थियों ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। यमन, तंजानिया, घाना, युगांडा, सोमालिया, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित कई देशों के ये विद्यार्थी फिलहाल IIT (ISM) धनबाद में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मुलाकात के दौरान विद्यार्थियों ने राज्यपाल के साथ भारत में अपने शैक्षणिक अनुभव साझा किए। उन्होंने यहां के पढ़ाई के माहौल, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जीवन से जुड़ने के अनुभवों के बारे में भी बताया। छात्रों ने कहा कि भारत में शिक्षा हासिल करने के साथ उन्हें देश को करीब से समझने का अवसर भी मिल रहा है।
Ph.D., M.Tech समेत कई पाठ्यक्रमों में कर रहे पढ़ाई
ICCR के माध्यम से भारत आए इन विद्यार्थियों में कई Ph.D. और M.Tech सहित उच्च शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। छात्र सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग समेत तकनीकी विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन ICCR क्षेत्रीय कार्यालय, पटना की ओर से किया गया। यह कार्यालय बिहार और झारखंड में ICCR से संबंधित कार्यक्रमों की देखरेख करता है।
राज्यपाल ने भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा का किया उल्लेख
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था और ज्ञान परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे प्राचीन शिक्षण केंद्रों को भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।राज्यपाल ने विदेशी विद्यार्थियों से कहा कि भारत में अध्ययन के दौरान वे देश की आधुनिक विकास यात्रा को भी समझने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यहां हासिल शैक्षणिक और सामाजिक अनुभव भविष्य में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
विद्यार्थी बन सकते हैं भारत और अपने देशों के बीच सेतु
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा पूरी करने के बाद जब ये विद्यार्थी अपने-अपने देशों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालेंगे, तो भारत में बिताया गया समय और यहां के अनुभव दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में उपयोगी हो सकते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, रांची मनिता के, भारतीय विदेश सेवा की ओर से ICCR पटना के प्रतिनिधि तथा IIT (ISM) धनबाद की ओर से डीन (इंटरनेशनल रिलेशंस) प्रो. रजनी सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






















