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रांची की बड़ी छलांग, 74 पायदान चढ़कर ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में 792वें स्थान पर पहुंची

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Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड की राजधानी रांची ने ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के Global Cities Index 2026 में अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। दुनिया के 1,000 बड़े शहरों की समग्र रैंकिंग में रांची 74 पायदान ऊपर चढ़कर 792वें स्थान पर पहुंच गई है। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स का Global Cities Index दुनिया के 1,000 प्रमुख शहरों की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ उनकी भविष्य की संभावनाओं का भी आकलन करता है। इंडेक्स में शहरों को पांच प्रमुख श्रेणियों अर्थव्यवस्था, मानव पूंजी, जीवन गुणवत्ता, पर्यावरण और शासन के आधार पर परखा जाता है।

प्रयागराज, लखनऊ और विशाखापत्तनम से ज्यादा सुधार

रैंकिंग में एक साल के दौरान सुधार के मामले में रांची ने कई भारतीय शहरों से बड़ी छलांग लगाई है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, रांची की रैंकिंग में 74 पायदान का सुधार हुआ है। वहीं प्रयागराज 70, लखनऊ 58 और विशाखापत्तनम 54 पायदान ऊपर आए हैं। इससे रांची की वैश्विक शहरों की सूची में स्थिति में हुए बदलाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, केवल रैंकिंग में ऊपर आना शहर की हर श्रेणी में समान सुधार का संकेत नहीं है, क्योंकि इंडेक्स अलग-अलग मानकों को मिलाकर समग्र स्कोर तैयार करता है।

पांच मानकों पर होती है शहरों की रैंकिंग

Oxford Economics के मुताबिक Global Cities Index में Economics, Human Capital, Quality of Life, Environment और Governance पांच मुख्य श्रेणियां हैं। इनमें आर्थिक आकार और विकास, प्रतिभा एवं श्रमबल, जीवन गुणवत्ता, पर्यावरणीय स्थिति और संस्थागत क्षमता जैसे पहलुओं को शामिल किया जाता है। इंडेक्स का 2026 संस्करण केवल पिछले प्रदर्शन पर आधारित नहीं है। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स अपने आर्थिक पूर्वानुमानों और अन्य मानकों के जरिए शहरों की आगे की संभावनाओं को भी रैंकिंग में शामिल करता है। इसी वजह से यह सूची शहरों की वर्तमान स्थिति के साथ उनके भविष्य की दिशा को भी देखने का प्रयास करती है।

छोटे और मध्यम शहरों की भी बढ़ रही भूमिका

2026 इंडेक्स में ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने इस बात पर भी जोर दिया है कि वैश्विक शहरी परिदृश्य में केवल बड़े महानगर ही महत्वपूर्ण नहीं हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से उभरते शहर भी आर्थिक और विकास संबंधी बदलावों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। रांची की 74 पायदान की छलांग इसी व्यापक शहरी बदलाव के संदर्भ में देखी जा सकती है। हालांकि, रैंकिंग किसी शहर की सभी स्थानीय समस्याओं या विकास के हर पहलू का अकेले प्रतिनिधित्व नहीं करती। यह कई सामाजिक-आर्थिक और संस्थागत संकेतकों को मिलाकर तैयार किया गया एक समग्र सूचकांक है।

Meenu

Reporter  |  Samachar Post

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