देशभर में 24 घंटे की बैंक हड़ताल शुरू, लगातार 4 दिन बैंकिंग सेवाओं पर असर की आशंका

Samachar Post डेस्क, रांची : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर में 24 घंटे की बैंक हड़ताल शुरू हो गई। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखा आधारित सेवाओं पर पड़ने की संभावना है। हड़ताल के बाद महीने का दूसरा शनिवार, रविवार और गणेश चतुर्थी का अवकाश पड़ने के कारण कई हिस्सों में बैंकिंग सेवाएं लगातार कई दिनों तक प्रभावित रह सकती हैं।यूनियन लंबे समय से पांच दिन के कार्य सप्ताह को लागू करने की मांग कर रही है। बैंक यूनियनों का कहना है कि शनिवार को साप्ताहिक अवकाश किए जाने को लेकर पहले सहमति बन चुकी है, लेकिन अंतिम प्रशासनिक अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई।

SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा की सेवाओं पर असर

हड़ताल के कारण SBI, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। इस दौरान नकद जमा और निकासी, ड्राफ्ट जारी करने, नए खाते खोलने, संस्थागत ट्रेड क्लीयरेंस और चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) जैसी शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों के इस हड़ताल में शामिल होने की सूचना नहीं है। इसलिए इन बैंकों की सामान्य सेवाओं पर समान असर पड़ने की संभावना कम है।

पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग पर अड़े बैंक कर्मचारी

बैंक कर्मचारी करीब दो वर्षों से पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच शनिवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी। प्रस्ताव के अनुसार शनिवार के एक कार्यदिवस की भरपाई के लिए सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी की जानी थी। हालांकि, बैंक यूनियनों के मुताबिक इस व्यवस्था को लागू करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की अंतिम प्रशासनिक अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है। इसी वजह से बैंक कर्मचारी फिलहाल वैकल्पिक शनिवार की पुरानी व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं।

BRICS सम्मेलन के बीच हड़ताल टालने की अपील

स्रोत के मुताबिक, 12 सितंबर से दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के आयोजन को देखते हुए केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से यूनियनों से हड़ताल वापस लेने या टालने की अपील की गई थी। यूनियन नेताओं ने इस अपील को स्वीकार नहीं किया और पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग पर हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।

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हड़ताल करने पर एक दिन का वेतन कटने का नियम

हड़ताल में शामिल बैंक कर्मचारियों पर ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का सिद्धांत लागू होने की बात कही गई है। ऐसे में हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के वेतन से एक दिन के मूल वेतन की कटौती की जा सकती है। बैंक यूनियनों और प्रबंधन के बीच मांगों को लेकर गतिरोध के बीच 24 घंटे की यह हड़ताल शुरू हुई है। अब आगे की बातचीत और सरकार की ओर से प्रशासनिक निर्णय पर बैंक कर्मचारियों की अगली रणनीति निर्भर करेगी।

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