- जिला स्तर पर सेवा शुरू करने, हटाए गए कर्मचारियों की बहाली और श्रमिक अधिकार देने की मांग; 25 सितंबर को राज्यव्यापी एकदिवसीय हड़ताल
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 28 सितंबर से राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल और 108 एंबुलेंस सेवा बाधित करने का आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस संबंध में संघ के प्रदेश एवं सभी जिलों के पदाधिकारियों की बैठक बुधवार को भारतीय मजदूर संघ कार्यालय धुर्वा में हुई। अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने की।
संघ का कहना है कि एनएचएम के एमडी कार्यालय की ओर से सभी सिविल सर्जनों को जिला स्तर पर 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद कई जिलों में जिला स्तर से सेवा का संचालन शुरू नहीं किया गया है। संघ ने सरकार से मौजूदा 108 एंबुलेंस सेवा की निविदा प्रक्रिया पूरी तरह निरस्त करने, सिविल सर्जन के माध्यम से जिला स्तर पर सेवा संचालन शुरू करने, कंपनी द्वारा हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा बहाल करने और कर्मचारियों को वैधानिक श्रमिक अधिकार देने की मांग की है।

10 सितंबर से शुरू होगा आंदोलन, 25 को हड़ताल
संघ ने आंदोलन का कार्यक्रम जारी किया है। 10 से 12 सितंबर तक जिलों से राज्य सरकार को पत्र भेजे जाएंगे। 14 से 19 सितंबर तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। 19 सितंबर को सभी जिलों में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद 21 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालयों में भिक्षा कार्यक्रम और 23 सितंबर को सिविल सर्जन या उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन होगा। 25 सितंबर को राज्यभर में एकदिवसीय पूर्ण हड़ताल कर नामकुम स्थित एनएचएम कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा।
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28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ ने कहा कि कर्मचारी 108 जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा को बाधित नहीं करना चाहते। लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया गया है। संघ ने सरकार से अपील की है कि आंदोलन की स्थिति पैदा होने से पहले जिला स्तर पर 108 एंबुलेंस सेवा तत्काल शुरू की जाए, निविदा प्रक्रिया निरस्त की जाए और हटाए गए कर्मचारियों की बहाली सहित अन्य मांगों का समाधान किया जाए।



