Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए RIMS ने मरीजों के इलाज और संक्रमण की रोकथाम को लेकर तैयारी तेज कर दी है। अस्पताल के डेंगू वार्ड में छह बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। यहां H1N1 के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखकर इलाज और निगरानी की जाएगी। RIMS प्रबंधन के अनुसार, संक्रमित मरीजों को अलग रखने से अस्पताल में संक्रमण फैलने की आशंका को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखना भी आसान होगा।
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संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को अलग रखने की व्यवस्था
आइसोलेशन वार्ड में H1N1 के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को रखा जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखना है, ताकि संक्रमण के प्रसार की संभावना कम हो। मरीजों की स्थिति पर नजर रखने के लिए निगरानी की अलग व्यवस्था भी की गई है। जरूरत के अनुसार मरीजों को उपचार और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। H1N1 संक्रमण में बुखार, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। फ्लू जैसे लक्षण होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है।
मास्क और हाथों की सफाई पर जोर
संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को मास्क का इस्तेमाल करने, नियमित रूप से हाथ साफ रखने और खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने की सलाह दी गई है। RIMS में आइसोलेशन की व्यवस्था शुरू किए जाने से संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के उपचार के साथ संक्रमण नियंत्रण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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