Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JPSC परीक्षा घोटाला मामले में जेल में बंद बुद्धेश्वर भगत की जमानत याचिका पर शनिवार को रांची स्थित CID की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने केस डायरी का अवलोकन करने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख निर्धारित कर दी है। बुद्धेश्वर की ओर से अधिवक्ता कुंदर कुमार वर्मा ने जमानत याचिका दाखिल की है। CID ने बुद्धेश्वर भगत को 5 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। वह लोहरदगा जिले के बेजवाली गांव का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में है। अब उसकी ओर से अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की गई है।
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NHM में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर करता था काम
बुद्धेश्वर भगत वर्ष 2008 से नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करता था। नौकरी के साथ वह जमीन की खरीद-बिक्री का काम भी करता था।

2022-23 में अभय तिवारी से संपर्क का आरोप
जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, वर्ष 2022-23 के दौरान जमीन के कारोबार के सिलसिले में बुद्धेश्वर की मुलाकात अभय कुमार तिवारी से हुई थी। बताया गया है कि अभय तिवारी NHM में आउटसोर्सिंग का काम लेने के सिलसिले में वहां आया था। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ने की बात जांच में सामने आई। CID के आरोपों के अनुसार, दोनों की कथित मिलीभगत से JPSC परीक्षा घोटाले को अंजाम दिया गया।
जमानत पर अब अगली सुनवाई में होगा फैसला
शनिवार को हुई सुनवाई में अदालत ने केस डायरी का अवलोकन किया। इसके बाद मामले को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अब बुद्धेश्वर भगत की जमानत याचिका पर अदालत के अगले रुख पर नजर रहेगी।

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