JPSC-JSSC अनियमितता की CBI जांच की मांग, भाजपा ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन; 48 घंटे का अल्टीमेटम

Rupa Kumari | September 2, 2026 | 01:54 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर दर्ज FIR को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज कर दिया है। बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी के कई विधायक, सांसद और प्रदेश पदाधिकारी प्रोजेक्ट भवन पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने और भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराने समेत कई मांगें रखीं।

छात्रों पर दर्ज FIR 48 घंटे में वापस लेने की मांग

भाजपा ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस अवधि में यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की दिशा में सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, तो भाजपा आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। ज्ञापन में छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के साथ JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

भाजपा ने कहा है कि जांच में जो भी पदाधिकारी या अधिकारी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने ऐसे जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग भी ज्ञापन में शामिल की है। भाजपा नेताओं के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री से मुलाकात का भी नहीं मिला समय

पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा लंबे समय से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से संवाद करने की कोशिश कर रही है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा गया था, लेकिन अब तक मुलाकात नहीं हो सकी। ऐसे में बुधवार को मुख्य सचिव के माध्यम से छात्रों से जुड़ी मांगों को सरकार तक पहुंचाया गया है।

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आंदोलन तेज करने की चेतावनी

भाजपा ने स्पष्ट किया कि छात्रों के हित, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के मुद्दे पर पार्टी पीछे नहीं हटेगी। 48 घंटे के भीतर मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं और संबंधित आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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