पुलिस नियम तोड़ेगी तो न्याय कहां मिलेगा: बाबूलाल मरांडी ने खूंटी पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

Rupa Kumari | August 29, 2026 | 10:48 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने खूंटी पुलिस की एक कथित कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

विजय साहू के घर पुलिस पहुंचने पर विवाद

बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि 28 अगस्त की रात खूंटी पुलिस अरगोड़ा निवासी विजय कुमार साहू के घर पहुंची थी। उन्होंने दावा किया कि परिवार के अनुसार विजय साहू के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है और न ही पुलिस के पास कोई सर्च वारंट था। मरांडी ने कहा कि इसके बावजूद रात करीब एक बजे पुलिसकर्मी घर पहुंचे और दरवाजा पीटते हुए अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया।

महिला पुलिसकर्मी नहीं होने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों को दरवाजा तोड़कर अंदर जाने की बात कहते हुए सुना जा सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि घर में महिलाएं मौजूद थीं, लेकिन परिवार के अनुसार पुलिस टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी शामिल नहीं थी। बाबूलाल मरांडी ने परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि खूंटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह पर नशे की हालत में अभद्र व्यवहार करने और विजय साहू की पत्नी को जेल भेजने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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मुख्यमंत्री से मांगा जवाब

मरांडी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या बिना एफआईआर और सर्च वारंट के रात में किसी के घर पहुंचकर दरवाजा पीटना और जबरन अंदर जाने की कोशिश करना पुलिस की निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है। ऐसे में यदि पुलिसकर्मी ही नियमों की अनदेखी करेंगे तो आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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