गिरिडीह पहुंची ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’, देवेंद्र नाथ महतो ने तीन जगह की नुक्कड़ सभा

Meenu | August 27, 2026 | 02:29 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,गिरिडीह : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन के समर्थन में शुरू की गई ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ गुरुवार को गिरिडीह पहुंची। 24 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन के गांव नेमरा से शुरू हुई यह यात्रा राज्य के सभी 24 जिलों में जाएगी। गिरिडीह में जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो ने तीन अलग-अलग स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं कर छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को संबोधित किया।

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भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की उठी मांग

नुक्कड़ सभाओं में देवेंद्र नाथ महतो ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराने की है, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।

परीक्षाओं को लेकर सरकार पर साधा निशाना

महतो ने कहा कि आंदोलन के बीच राज्य सरकार की ओर से करीब 40 परीक्षाओं को प्रभावित करने वाला निर्णय लिया गया था। बाद में अदालत की ओर से सरकार के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद परीक्षाओं को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम से छात्रों और अभ्यर्थियों में असमंजस और आक्रोश की स्थिति बनी है। सरकार को भर्ती परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी नीति अपनानी चाहिए। जेएलकेएम नेता ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन कर रहे छात्रों को केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही कथित अनियमितताओं के कारण राज्य के युवा अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार करने और परीक्षा व्यवस्था को भरोसेमंद बनाने की मांग की।

सुधार नहीं हुआ तो चक्का जाम की चेतावनी

देवेंद्र नाथ महतो ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द भर्ती व्यवस्था में सुधार नहीं किया और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो जेएलकेएम की ओर से पूरे राज्य में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर उनकी पार्टी पीछे नहीं हटेगी और छात्रों की आवाज उठाती रहेगी। महतो ने कहा, “सरकार झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा को तो बेच ही रही है, कम से कम झारखंड के छात्रों के हक की नौकरी को बाहरी लोगों के हाथों में न बेचे।” उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि झारखंड के युवाओं को अपने ही राज्य में नौकरी और अधिकार के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।

24 जिलों में जाएगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा

जेएलकेएम नेताओं के मुताबिक, ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। गिरिडीह में हुई सभाओं के दौरान भर्ती प्रक्रिया में सुधार, स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई गई। नेमरा से शुरू हुई यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों में जाएगी और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अभियान चलाएगी।

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