बेटी के लिए पिता का अनोखा संकल्प, हाथगाड़ी खींचते हुए सुल्तानगंज से देवघर पहुंचा

Rupa Kumari | August 22, 2026 | 02:39 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, देवघर : बिहार के सुल्तानगंज से देवघर तक एक पिता की अनोखी कांवड़ यात्रा इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। बेटी के जन्म से जुड़ी अपनी मन्नत पूरी करने के लिए पिता ने अपनी नन्ही बच्ची को हाथगाड़ी में लिटाया और खुद उसे खींचते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर निकल पड़े। परिवार के कुछ सदस्य भी इस यात्रा में उनके साथ चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि बेटी के जन्म से पहले पिता ने भगवान शिव से मन्नत मांगी थी कि अगर उनके घर बेटी का जन्म हुआ, तो वह उसे लेकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर आएंगे। बेटी के जन्म के बाद उन्होंने अपनी इस प्रतिज्ञा को निभाने का फैसला किया और पैदल यात्रा शुरू कर दी।

बेटी को हाथगाड़ी में लेकर तय किया लंबा सफर

सुल्तानगंज से देवघर की दूरी तय करना आसान नहीं है। इसके बावजूद पिता अपनी बच्ची को हाथगाड़ी में लेकर लगातार आगे बढ़ते रहे। रास्ते में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनकी इस यात्रा को देखा और उनके संकल्प की सराहना की। इस यात्रा से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं। लोगों ने पिता की आस्था के साथ-साथ बेटी के प्रति उनके स्नेह की भी खूब प्रशंसा की है।

बेटी के जन्म को बताया भगवान का आशीर्वाद

लोग इस यात्रा को सिर्फ धार्मिक आस्था से जोड़कर नहीं देख रहे, बल्कि इसे बेटियों को लेकर समाज की सोच बदलने वाले संदेश के तौर पर भी देख रहे हैं। जिस बेटी के जन्म की खुशी में पिता ने भगवान से किया अपना वादा निभाने के लिए इतनी कठिन यात्रा का संकल्प लिया, वह इस पूरे सफर का केंद्र बनी हुई है। बेटियों को बोझ समझने जैसी पुरानी मानसिकता और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं के बीच यह घटना एक सकारात्मक संदेश देती नजर आती है कि बेटी का जन्म परिवार के लिए खुशी और आशीर्वाद का अवसर है।

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रास्ते में श्रद्धालुओं ने किया स्वागत

सुल्तानगंज से देवघर की ओर बढ़ते इस परिवार का रास्ते में कई जगह श्रद्धालुओं और सेवा में जुटे लोगों ने स्वागत किया। कई लोगों ने फूल बरसाकर पिता और उनकी बेटी का उत्साह बढ़ाया। बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने के बाद पिता के चेहरे पर मन्नत पूरी होने की खुशी साफ दिखाई दी। उनकी यह यात्रा अब श्रद्धा, संकल्प और बेटी के प्रति पिता के प्रेम की मिसाल बनकर सामने आई है।

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