झारखंड में अगले चार दिन भारी बारिश का अलर्ट, 17 जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी

Rupa Kumari | August 12, 2026 | 12:00 PM IST
  • बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का असर, 15 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। 12 और 13 अगस्त के लिए 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 15 अगस्त तक कई इलाकों में वज्रपात और तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

12 और 13 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में 12 और 13 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

14 अगस्त को नौ जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी

14 अगस्त को रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है। 15 अगस्त को रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। अन्य जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने का अनुमान है।

रांची में सबसे अधिक 45.6 मिमी बारिश दर्ज

मंगलवार को राजधानी रांची में दोपहर तक उमस और तेज धूप रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने करवट ली। शहर में कई चरणों में हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग के अनुसार रांची में 45.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक रही। इसके अलावा जमशेदपुर में 35 मिमी, सिमडेगा में 32 मिमी, चाईबासा में 25 मिमी, सरायकेला में 20 मिमी, खूंटी में 18 मिमी, लोहरदगा में 8 मिमी, लातेहार और बोकारो में 4-4 मिमी तथा गुमला में 2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के साथ हुई थंडरिंग और लाइटनिंग का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। रांची के धुर्वा सेक्टर-4 में एक पीपल का पेड़ बिजली के खंभे पर गिर गया, जिससे एलटी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

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अब भी सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 11 अगस्त तक झारखंड में सामान्य से 22 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इस अवधि में राज्य में औसतन 616.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक केवल 483.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी रांची में इस अवधि के दौरान सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि इस बार मानसून के दौरान राज्य में बारिश का वितरण असमान रहा है।

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