Samachar Post रिपोर्टर, रांची : अपनी लंबित मांगों को लेकर झारखंड पंचायत सहायक संघ ने बुधवार को राजधानी रांची में शक्ति प्रदर्शन किया। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों पंचायत सहायकों ने मोरहाबादी मैदान में एकत्रित होकर लोकभवन की ओर मार्च किया, जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन कर सरकार से अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारी पंचायत सहायकों का कहना है कि वर्षों से वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और संबंधित विभागों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसी वजह से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
मांगों को लेकर सरकार पर बढ़ाया दबाव
पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले चरण में अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है। संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से पंचायत स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और न ही सेवा सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था है।
मानदेय वृद्धि और सेवा सुरक्षा प्रमुख मांग
पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री के साथ सीधी वार्ता, वर्तमान 2500 रुपये मासिक मानदेय में वृद्धि और प्रत्येक वर्ष ग्राम सभा से अनुमोदन की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है। इसके अलावा पंचायत सचिव के पदों पर नियुक्ति में पंचायत सहायकों के लिए 70 प्रतिशत आरक्षण की मांग भी उठाई गई। उनका कहना है कि वर्षों के अनुभव और पंचायत स्तर पर किए गए कार्यों को देखते हुए उन्हें पदोन्नति और नियमित अवसर मिलने चाहिए।

अनुकंपा नियुक्ति और बीमा सुविधा की मांग
संघ ने सेवा के दौरान दिवंगत होने वाले पंचायत सहायकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग की है। साथ ही स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। पंचायत सहायकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य के दौरान कई प्रकार की चुनौतियों और जोखिमों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक है।
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सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद
प्रदर्शन में शामिल पंचायत सहायकों ने कहा कि वे सरकार से टकराव नहीं, बल्कि संवाद और समाधान चाहते हैं। हालांकि यदि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को लेकर लोकभवन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।यह भी पढ़ें:प्रदर्शन में शामिल पंचायत सहायकों ने कहा कि वे सरकार से टकराव नहीं, बल्कि संवाद और समाधान चाहते हैं। हालांकि यदि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को लेकर लोकभवन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

