Samachar Post रिपोर्टर, रांची : बोकारो के चर्चित तेतुलिया वन भूमि घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी शैलेश सिंह को अदालत से बड़ा झटका लगा है। रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल शैलेश सिंह को जेल में ही रहना होगा। सीआईडी ने शैलेश सिंह को जून 2026 में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि तेतुलिया मौजा की वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री में उनकी भूमिका रही है। मामले की जांच के दौरान सीआईडी ने कई लोगों को आरोपी बनाया है और अब तक कई गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं।
कई आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल
इस मामले में सीआईडी पहले ही इजहार हुसैन, अख्तर हुसैन और राजवीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक पुनीत अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार शैलेश सिंह, पुनीत अग्रवाल, वीर अग्रवाल और विमल अग्रवाल पर तेतुलिया मौजा की विवादित वन भूमि से जुड़े वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप है।
करोड़ों रुपये के भुगतान का आरोप
सीआईडी की जांच के मुताबिक राजवीर कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से तेतुलिया मौजा की वन भूमि के बदले उमायुष कंपनी को लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। जांच एजेंसी इस पूरे लेनदेन और उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। तेतुलिया लैंड स्कैम बोकारो के चर्चित मामलों में शामिल है। आरोप है कि 100 एकड़ से अधिक वन भूमि को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया। बताया जाता है कि यह वही भूमि थी जिसे बोकारो स्टील प्लांट द्वारा वन विभाग को वापस सौंपा गया था।

CID और ED दोनों कर रही हैं जांच
इस मामले की शुरुआत बोकारो के सेक्टर-12 थाना में दर्ज कांड संख्या 32/2024 से हुई थी। बाद में सीआईडी ने मामले को टेकओवर कर अपनी जांच शुरू की और इसे कांड संख्या 4/2024 के रूप में दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इसकी जांच कर रहा है।
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जांच पर टिकी नजरें
जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच एजेंसियां कथित भूमि सौदे से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

