गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की मौत के बाद झारखंड के संगठित अपराध पर असर, नेटवर्क पर पुलिस की नजर

Meenu | August 3, 2026 | 03:05 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग : कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद झारखंड में संगठित अपराध को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस इसे संगठित अपराध के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई मान रही है और अब उसके नेटवर्क, सहयोगियों तथा कथित आर्थिक तंत्र की जांच पर फोकस कर रही है। पुलिस के अनुसार, सुजीत सिन्हा की मौत के बाद भी उसके नेटवर्क से जुड़े सक्रिय लोगों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई जांच का प्रमुख हिस्सा रहेगी।

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पलामू से शुरू हुआ अपराध का सफर

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पलामू जिले के रेड़मा क्षेत्र का रहने वाला सुजीत सिन्हा समय के साथ राज्य के चर्चित गैंगस्टरों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर मामलों सहित 50 से अधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है। जांच एजेंसियों के अनुसार उसका प्रभाव पलामू के अलावा गढ़वा, लातेहार, चतरा, रांची, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो और अन्य जिलों तक फैला हुआ था।

जेल से नेटवर्क संचालन के आरोप

पुलिस का दावा है कि जेल में बंद रहने के बावजूद सुजीत सिन्हा अपने सहयोगियों के माध्यम से कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार उसके गिरोह पर कोयला कारोबार, ट्रांसपोर्ट, सड़क निर्माण, क्रशर और ठेकेदारी से जुड़े कारोबारियों से रंगदारी मांगने के आरोप भी लगते रहे हैं। इन आरोपों की जांच विभिन्न मामलों में संबंधित एजेंसियों द्वारा की जाती रही है।

प्रिंस खान गिरोह को लेकर अटकलें, आधिकारिक पुष्टि नहीं

कुछ मीडिया रिपोर्टों और अपराध मामलों पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि हाल के वर्षों में प्रिंस खान ने सुजीत सिन्हा के पुराने नेटवर्क का लाभ उठाया हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह कहना कि सुजीत सिन्हा की मौत से किसी विशेष गिरोह पर निश्चित रूप से दबाव बढ़ेगा, फिलहाल अनुमान है। आगे की जांच और पुलिस कार्रवाई के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।

मुठभेड़ कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, सुजीत सिन्हा को साहिबगंज जेल से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। इस दौरान रास्ते में पुलिस वाहन में तकनीकी खराबी आने के बाद उसे दूसरी गाड़ी में बैठाने की प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान उसने एक जवान का हथियार छीनकर भागने और पुलिस पर फायरिंग करने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं नियमानुसार जारी हैं।

अब नेटवर्क पर कार्रवाई की तैयारी

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उनका ध्यान अब उन लोगों पर है, जो कथित रूप से गिरोह के आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। पुलिस का मानना है कि किसी बड़े गैंग के कमजोर होने के बाद आपराधिक नेटवर्क में नए समीकरण बन सकते हैं, इसलिए पूरे नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

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