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सिमडेगा बनता जा रहा ‘सर्प जोन’, करैत सांप के बढ़ते हमलों से बढ़ी चिंता; इस साल 46 सर्पदंश के मामले दर्ज

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Samachar Post रिपोर्टर, सिमडेगा : सिमडेगा जिले में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गर्मी और बरसात के मौसम में विषैले सांपों की सक्रियता बढ़ने के साथ जिले में लगातार सर्पदंश के मामले सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के नागलोक क्षेत्र से सटे होने के कारण सिमडेगा में जहरीले सांपों की संख्या अधिक मानी जाती है। विशेष रूप से करैत सांप के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक जिले में सर्पदंश के 46 मामले सामने आ चुके हैं। राहत की बात यह है कि समय पर उपचार मिलने से 40 मरीजों की जान बचाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता और त्वरित चिकित्सा सुविधा के कारण कई लोगों को नया जीवन मिला है।

करैत सांप का बढ़ रहा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार करैत भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक है। इसके काटने के बाद शुरुआती लक्षण कई बार स्पष्ट नहीं होते, जिससे लोग खतरे को गंभीरता से नहीं लेते। यही कारण है कि समय पर इलाज नहीं मिलने पर स्थिति जानलेवा हो सकती है। सिमडेगा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में करैत की मौजूदगी लगातार देखी जा रही है, जिससे बरसात के मौसम में जोखिम और बढ़ गया है। सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन समद ने कहा कि सर्पदंश के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात समय पर अस्पताल पहुंचना है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अधिकांश मरीजों को समय रहते चिकित्सा सुविधा मिलने के कारण उनकी जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध है, इसलिए सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

झाड़-फूंक के बजाय अस्पताल पहुंचने की अपील

डॉ. समद ने लोगों से अंधविश्वास और झाड़-फूंक से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में लोग पहले पारंपरिक उपायों का सहारा लेते हैं, जिससे इलाज में देरी होती है और मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के बाद हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मरीज को बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय पर उपचार देकर उसकी जान बचाई जा सके।

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बरसात के मौसम में सतर्क रहने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बरसात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खेतों, झाड़ियों और अंधेरे स्थानों में जाते समय सतर्क रहने, रात में टॉर्च का उपयोग करने तथा घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर इलाज ही सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

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