Samachar Post रिपोर्टर,रांची : 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने जांच के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता ने परीक्षा संचालन करने वाली कंपनी टीडीपीएल के कर्मचारी मो. उस्मान को व्हाट्सएप के माध्यम से आंसर-की भेजी थी। इस मामले में रिमांड के दूसरे दिन सीआईडी ने श्वेता गुप्ता से पूछताछ की, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं।
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व्हाट्सएप पर गोपनीय दस्तावेज साझा करने से उठे सवाल
सीआईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेज हार्ड डिस्क या पेन ड्राइव जैसे सुरक्षित माध्यमों की बजाय व्हाट्सएप के जरिए साझा किए गए। जांच एजेंसी का मानना है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को इस तरह साझा करना स्थापित प्रक्रियाओं और गोपनीयता के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इसी आधार पर सीआईडी ने अपनी रिपोर्ट में श्वेता कुमारी गुप्ता की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

बिना टेंडर टीडीपीएल को सौंपी गई जिम्मेदारी
पूछताछ के दौरान श्वेता कुमारी गुप्ता ने बताया कि परीक्षा संचालन का जिम्मा टीडीपीएल को केवल नॉमिनेशन के आधार पर दिया गया था और इसके लिए कोई टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कंपनी की पृष्ठभूमि की जांच किए बिना ही उसे परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।
CID को गोपनीयता में लापरवाही का संदेह
सीआईडी को आशंका है कि परीक्षा संचालन के दौरान जेपीएससी स्तर पर आवश्यक गोपनीयता का पालन नहीं किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सीधे टीडीपीएल को सौंप दी गईं, जिसके कारण कंपनी के कुछ कर्मचारी परीक्षा से जुड़े दस्तावेज अपने साथ घर तक ले गए। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सीआईडी सभी तथ्यों की गहन पड़ताल कर रही है।

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