JPSC विवाद पर आजसू का हमला, परवाज खान ने की CBI जांच की मांग

Rupa Kumari | July 22, 2026 | 12:16 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम को लेकर जारी विवाद के बीच आजसू पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के केंद्रीय मीडिया प्रभारी परवाज खान ने कहा है कि जेपीएससी कार्यालय में सीआईडी की छापेमारी निष्पक्ष जांच नहीं, बल्कि कथित अनियमितताओं पर पर्दा डालने का प्रयास प्रतीत होती है। उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।

CID जांच पर उठाए सवाल

परवाज खान ने बयान जारी कर कहा कि यदि राज्य सरकार वास्तव में युवाओं के हितों और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर है, तो उसे मामले की जांच सीबीआई को सौंपनी चाहिए। उनका आरोप है कि युवाओं और अभ्यर्थियों के आंदोलन के दबाव में सरकार केवल जांच का दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी से जुड़े विवाद को लेकर राज्य सरकार की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है और इससे निष्पक्ष जांच को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।

चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल

आजसू पार्टी ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा की चयन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के चयन को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता तथा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। परवाज खान ने कहा कि इन आरोपों के कारण पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है। आजसू नेता ने कहा कि इन्हीं मांगों को लेकर युवा आजसू और जेपीएससी अभ्यर्थियों ने हाल ही में आयोग के मुख्यालय का घेराव किया था। आंदोलन के बाद भी सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा नहीं की और राज्य की एजेंसियों से ही जांच कराई जा रही है। उनके अनुसार इससे यह आशंका मजबूत होती है कि मामले की तह तक पहुंचने के बजाय उसे सीमित दायरे में रखने का प्रयास किया जा रहा है।

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जांच पूरी होने तक कार्रवाई की मांग

आजसू पार्टी ने मांग की है कि जेपीएससी विवाद की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सीबीआई से कराई जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक चयन प्रक्रिया को लेकर आवश्यक निर्णय लिया जाए ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल हो सके। साथ ही, यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परवाज खान ने कहा कि यह केवल एक भर्ती परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और राज्य की भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। इसलिए सरकार को पारदर्शिता के साथ सभी सवालों का जवाब देना चाहिए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।

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