Samachar Post रिपोर्टर,रांची : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर चल रहा आमरण अनशन शुक्रवार को 20वें दिन भी जारी रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से उन्हें लगातार समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में डुमरी से विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता जयराम महतो भी जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया।
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जयराम महतो ने सरकार पर लगाए आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान जयराम महतो ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि देश का ध्यान विकास, शिक्षा और जनहित के मुद्दों से हटाकर धार्मिक ध्रुवीकरण की ओर मोड़ा जा रहा है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता से जुड़े मुद्दों और शांतिपूर्ण आंदोलनों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मुलाकात के दौरान हुए भावुक
सोनम वांगचुक से मुलाकात के दौरान जयराम महतो भावुक नजर आए। इस पर उन्होंने कहा कि उनका जीवन भी साधारण पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है और वे आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि गांव, मिट्टी और आम लोगों से उनका जुड़ाव आज भी कायम है, इसलिए संघर्ष कर रहे लोगों की स्थिति उन्हें भावुक कर देती है।

सरकार से आंदोलन पर गंभीरता से विचार करने की अपील
जयराम महतो ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही आवाज को सम्मान दे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए और समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग
जयराम महतो ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर उनके इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि इन घटनाओं से बड़ी संख्या में युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। सोनम वांगचुक का आंदोलन लगातार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि जंतर-मंतर पहुंचकर अपना समर्थन जता रहे हैं। वहीं, जयराम महतो की इस मुलाकात के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।

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