रेल हादसे में मृत यात्री के परिजनों को मिलेगा 8 लाख मुआवजा, HC ने रेलवे को दिया आदेश

Meenu | July 14, 2026 | 12:43 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने रेल हादसे में मृत यात्री के मुआवजे से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मृतक अशोक मेहतो के परिजनों का मुआवजा दावा खारिज कर दिया गया था। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि मृतक वैध टिकटधारी यात्री (बोनाफाइड पैसेंजर) था और उसकी मौत चलती ट्रेन से गिरने के कारण हुई थी। यह घटना रेलवे अधिनियम के तहत अनटुवर्ड इंसिडेंट (अप्रिय घटना) की श्रेणी में आती है।

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वैध टिकट और जांच रिपोर्ट को माना अहम आधार

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि मृतक के पास से वैध रेलवे टिकट बरामद हुआ था। इसके अलावा पुलिस की इनक्वेस्ट रिपोर्ट और जांच दस्तावेजों में भी यह स्पष्ट था कि उसकी मौत ट्रेन से गिरने के कारण हुई। रेलवे की ओर से इस आधार पर मुआवजा देने से इनकार किया गया था कि शव रेलवे ट्रैक से करीब 10 मीटर दूर मिला था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।

सिर्फ लापरवाही के आधार पर नहीं रोका जा सकता मुआवजा

अदालत ने कहा कि चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़ा होना लापरवाही हो सकता है, लेकिन इसे आपराधिक कृत्य नहीं माना जा सकता। केवल इस आधार पर मृतक के आश्रितों को मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रेलवे मुआवजा कानून एक लाभकारी कानून है, इसलिए इसकी व्याख्या यात्रियों और उनके आश्रितों के हित में उदार तरीके से की जानी चाहिए।

दो महीने में भुगतान का निर्देश

झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे को निर्देश दिया है कि मृतक अशोक मेहतो के आश्रितों को 8 लाख रुपये मुआवजा राशि, 1 अगस्त 2017 (हादसे की तारीख) से भुगतान की तारीख तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दो महीने के भीतर भुगतान किया जाए। हाईकोर्ट के इस फैसले से मृत यात्री के परिवार को बड़ी राहत मिली है। अदालत के आदेश के बाद अब रेलवे को मुआवजा राशि ब्याज सहित भुगतान करनी होगी।

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