सरयू राय के बयान पर सियासी घमासान, तस्वीर के साथ कथित अभद्रता को लेकर जदयू ने थाने में दी शिकायत

Rupa Kumari | July 14, 2026 | 12:09 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : मानगो विधायक सरयू राय के एक बयान को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब सड़क से थाने तक पहुंच गया है। कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान सामने आई कुछ तस्वीरों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सरयू राय की तस्वीर के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसके बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और उनके समर्थकों ने इसे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर जदयू प्रतिनिधिमंडल ने मानगो थाना पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सरयू राय के बयान से शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत विधायक सरयू राय के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि “मानगो में आपराधिक और राजनीतिक गठजोड़ फिर से सक्रिय हो गया है और इसे तोड़ना होगा।” इस बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मानगो चौक पर प्रदर्शन किया और सरयू राय का पुतला दहन करते हुए बयान वापस लेने तथा सार्वजनिक माफी की मांग की। विरोध प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें सरयू राय की तस्वीर के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। जदयू नेताओं का आरोप है कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। पार्टी का कहना है कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के प्रति इस तरह का व्यवहार उचित नहीं माना जा सकता।

कांग्रेस ने बयान को बताया मानगो का अपमान

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरयू राय का बयान मानगो क्षेत्र की जनता की छवि को प्रभावित करने वाला है। मानगो प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने कहा कि पूरे क्षेत्र को अपराध से जोड़कर देखना लाखों मेहनतकश और सम्मानित नागरिकों का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध जनता की भावनाओं को सामने लाने के लिए था और विधायक को अपने बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। जदयू के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी पुतला दहन का विरोध नहीं कर रही है, क्योंकि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है। लेकिन किसी नेता की तस्वीर के साथ कथित अभद्र व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन तेज कर सकती है।

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झारखंड क्षत्रिय संघ भी आया समर्थन में

मामले में झारखंड क्षत्रिय संघ ने भी प्रतिक्रिया दी है। संघ के अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने राजनीतिक दलों से संयम बरतने और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने की अपील की। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अप्रिय घटना भी सामने आई। पुतला दहन के समय आग की लपटों की चपेट में आने से एक कार्यकर्ता की शर्ट में आग लग गई, जिससे उसका हाथ झुलस गया। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।

पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। एक पक्ष इसे मानगो की अस्मिता और सम्मान का मुद्दा बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक शिष्टाचार से जुड़ा मामला मान रहा है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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