Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड सरकार ने नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) का नए सिरे से गठन करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को 30 जुलाई 2026 तक नई एसएमसी का गठन पूरा करने का निर्देश दिया है। गठित समिति का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य स्कूल प्रबंधन में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाना और विद्यालयों के संचालन को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है।
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अभिभावकों को मिलेगी प्रमुख जिम्मेदारी
नई एसएमसी में अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। समिति में प्रधानाध्यापक, एक शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या एएनएम को भी सदस्य बनाया जाएगा। इसके अलावा समिति में कम से कम 50 प्रतिशत महिला सदस्य होना अनिवार्य होगा। साथ ही अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के पदों में से एक पद पर महिला प्रतिनिधि की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।

छात्रों की संख्या के अनुसार तय होंगे सदस्य
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में नामांकित छात्रों की संख्या के आधार पर समिति के सदस्यों की संख्या निर्धारित की है। 100 तक छात्र 15 सदस्य,
101 से 500 छात्र 20 सदस्य, 500 से अधिक छात्र 25 सदस्य। एसएमसी का सदस्य बनने के लिए संबंधित व्यक्ति का विद्यालय के पोषक क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या विभागीय जांच लंबित नहीं होनी चाहिए। एक ही परिवार के दो सदस्यों को समिति में शामिल नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति लगातार दूसरी बार एसएमसी का अध्यक्ष नहीं बन सकेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि नई एसएमसी के गठन से विद्यालयों के विकास, शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रों की उपस्थिति और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।

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