Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची में प्रस्तावित रिम्स-2 (RIMS-2) चिकित्सा संस्थान के विस्तार और भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को नगड़ी ग्राम सभा के ग्रामीणों ने भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने रिम्स-2 परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण और निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल से उत्पन्न हो रही विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखा।
भूमि प्रभावित होने से आजीविका पर संकट का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि रिम्स-2 परियोजना के तहत हो रहे अधिग्रहण से स्थानीय रैयत किसानों और काश्तकारों की भूमि प्रभावित हो रही है। इससे खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने की आशंका है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने मांग की कि परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान किए बिना आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ाई जाए।
किसानों की चिंताओं से कराया अवगत
ग्रामीणों ने बाबूलाल मरांडी को बताया कि विकास परियोजनाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और भूमिधारकों की चिंताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा और भविष्य की आजीविका को लेकर स्पष्ट योजना सामने आनी चाहिए।

बाबूलाल मरांडी ने दिया आश्वासन
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद बाबूलाल मरांडी ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ प्रभावित लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मरांडी ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में वह इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि किसानों और रैयतों की समस्याओं की अनदेखी न हो।
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विकास और किसानों के हितों में संतुलन की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय लोगों के हितों और अधिकारों का संरक्षण होना चाहिए। उन्होंने सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने और प्रभावित परिवारों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है। रिम्स-2 परियोजना को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच आगे क्या सहमति बनती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

