Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर :जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान आदिम जनजाति सबर समुदाय के 51 वर्षीय शिबू सबर की शनिवार को मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल परिसर में संचालित हेल्थ मैप सेंटर के कर्मचारियों पर एक्स-रे जांच के नाम पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
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एक्स-रे के लिए 1000 रुपये मांगने का आरोप
मृतक के पुत्र सुरू सबर का आरोप है कि उनके पिता की गंभीर हालत के बावजूद हेल्थ मैप सेंटर में एक्स-रे कराने के लिए 1000 रुपये की मांग की गई। उन्होंने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए बताया कि वे आदिम जनजाति सबर समुदाय से हैं और सरकारी अस्पताल में जांच नि:शुल्क होने की उम्मीद थी। इसके बावजूद कर्मचारियों ने पैसे नहीं देने पर जांच करने से इनकार कर दिया और उन्हें वापस भेज दिया।
पहले मुसाबनी से किया गया था रेफर
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को शिबू सबर की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें पेट दर्द और उच्च रक्तचाप की शिकायत थी। परिजन पहले उन्हें मुसाबनी के केदाडीह स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया गया।

आयुष्मान कार्ड लाने को कहा, फिर हुई मौत
शुक्रवार शाम मरीज को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि हेल्थ मैप सेंटर में उनसे पैसे मांगे गए और बाद में आयुष्मान कार्ड लाने को कहकर वापस भेज दिया गया। इसके बाद परिजन मरीज को दोबारा इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे, जहां कुछ ही देर बाद शिबू सबर की मौत हो गई।
अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की शिकायत मिलने के बाद एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने उपाधीक्षक डॉ. नारायण उरांव को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उपाधीक्षक ने हेल्थ मैप सेंटर पहुंचकर कर्मचारियों से पूछताछ भी की। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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