पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने बॉडीगार्ड को बीच सड़क पर बेइज्जत किया, पुलिस एसोसिएशन ने कार्रवाई की मांग उठाई

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कृष्णा नंद त्रिपाठी पर उनके अंगरक्षकों के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगा है। इस घटना को लेकर झारखंड पुलिस मेन्स एसोसिएशन ने डीजीपी को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस एसोसिएशन ने DGP को लिखा पत्र

पुलिस मेन्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष कर्ण सिंह ने इस घटना को अमानवीय और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि ड्यूटी पर तैनात अंगरक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहे थे, लेकिन पूर्व मंत्री द्वारा उनके साथ किया गया दुर्व्यवहार पुलिस बल के मनोबल को तोड़ने वाला है।

कब और कैसे हुई घटना

मामला मंगलवार, 2 सितंबर 2025 का है। यह घटना लातेहार जिले की जुबली रोड पर हुई, जब पूर्व मंत्री पलामू से रांची जा रहे थे। जाम हटाने के लिए उनके अंगरक्षक आरक्षी-632 रविंद्र रिखियासन और आरक्षी-592 गोपाल सिंह आम लोगों को रास्ते से हटा रहे थे।

इसी दौरान आरोप है कि पूर्व मंत्री ने दोनों अंगरक्षकों के साथ मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं और उन्हें वर्दी व हथियार समेत सड़क पर ही छोड़कर खुद आगे निकल गए।

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जांच में क्या निकला सामने

दोनों अंगरक्षकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया गया, जिसमें यह साफ हो गया कि वे नशे में नहीं थे और सामान्य रूप से ड्यूटी कर रहे थे। इससे आरोप और भी गंभीर हो गए हैं।

FIR दर्ज करने की मांग

झारखंड पुलिस मेन्स एसोसिएशन ने पूर्व मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। बताया गया कि दोनों अंगरक्षक आवेदन तैयार कर रहे हैं, जिसे लातेहार थाना में जमा किया जाएगा। आवेदन की प्रतियां पलामू और लातेहार एसपी को भी भेजी जाएंगी।

पूर्व मंत्री का पक्ष

वहीं, पूर्व मंत्री कृष्णा नंद त्रिपाठी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अंगरक्षकों से कोई मारपीट नहीं की। केवल उन्हें डांटा और समझाया था, क्योंकि वे अपनी ड्यूटी सही ढंग से नहीं निभा रहे थे।

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