Samachar Post रिपोर्टर,रांची :जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन SSP पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की SP निधि द्विवेदी को पद से हटाने की कार्रवाई को “खानापूर्ति” बताया है। उन्होंने मांग की है कि सिर्फ पद से हटाने की बजाय उन पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज की जानी चाहिए, जिनकी मौजूदगी में यह हमला हुआ।
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“हटाना सजा नहीं, जवाबदेही तय हो” – बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केवल अधिकारियों को पद से हटाना किसी भी तरह की सजा नहीं है। उनके अनुसार, असली जिम्मेदारी तय होनी चाहिए थी और दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने उन संचालकों पर केस दर्ज किया है जिनके यहां पीड़ितों ने खाना खाया था, जबकि असली सवाल पुलिस की मौजूदगी और कार्रवाई को लेकर है। मरांडी ने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर कोई मेरे घर से खाना खाकर बाहर जाता है और झगड़ा कर लेता है, तो क्या मुझे अपराधी माना जाएगा?”
कानून-व्यवस्था पर राज्य सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो चुकी है। उनके अनुसार, सबसे पहले उन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी जिनके सामने यह हमला हुआ था, न कि सिर्फ उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए था।

मुख्य आरोपी अभी भी फरार
गौरतलब है कि जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर करणी सेना से जुड़े हिमांशु सिंह और प्रत्युष पर पीसीआर की मौजूदगी में हमला हुआ था। इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई, जबकि प्रत्युष की हालत गंभीर बनी हुई है और वह कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

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